फर्रुखाबाद। फर्जी शिक्षकों की खोज को रुकी हुई जांच अब फिर से शुरू होगी। अपर जिलाधिकारी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद जांच की कवायद शुरू कर दी गई है। यह जांच वर्ष 2010 से अभी तक नियुक्त हुए शिक्षकों के अभिलेखों की होनी है।
अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद दूसरे के अभिलेखों से बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक पदों पर नौकरी करने के कई मामले सामने आए। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के अभिलेखों की जांच शुरू कराई। इसके लिए बनी जिला स्तरीय कमेटी में अपर जिलाधिकारी अध्यक्ष और अपर पुलिस अधीक्षक व बीएसए सदस्य हैं। वर्ष 2010 से अभी तक करीब 2800 शिक्षक विभिन्न भर्तियों के माध्यम से बेसिक शिक्षा विभाग में नियुक्त हुए हैं। एडीएम ने जांच को सभी शिक्षकों का पूरा विवरण एक प्रारूप पर भरकर व अभिलेखों के साथ बीएसए कार्यालय में जमा करने के आदेश दिए थे। अधिकांश शिक्षकों का डाटा तैयार होकर बीएसए कार्यालय आ गया है। अभी कुछ शिक्षकों का डाटा नहीं आया। अभिलेख एकत्र होने के दौरान अपर जिलाधिकारी कोरोना संक्रमित हो गए। इससे जांच प्रक्रिया रुक गई। अब एडीएम की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। इससे फर्जी शिक्षकों की खोज को अभिलेखों की जांच शुरू होगी। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि जांच की लगभग पूरी तैयारी हो गई है। अपर जिलाधिकारी के पास पत्रावली भेजी जाएगी। ताकि जांच शुरू हो सके।