ज्ञान और भक्ति के अनूठे संगम श्री रामनगरिया में आस्थाएं हिलोरें ले रही
हैं। कल्पवासी इसके सानिध्य में अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
साधुसंतों के श्रीमुख से कही जाने वाली देव कथाएं लोगों को परमार्थ के लिए
प्रेरित कर रही हैं। साथ में आत्मिक सुख भी प्रदान कर रही हैं। वहीं गंगा
मइया लोगों के तन को शुद्ध कर कांति का वरदान दे रही हैं।
कल्पवासियों को
भगवान भास्कर भले ही दर्शन न दे रहे हों लेकिन उनका आशीर्वाद यह अपने साथ
महसूस करते हैं। इसी के दम पर कड़ाके की सर्दी में भी कल्पवासियों के हौसले
पस्त नजर नहीं आते हैं। पुण्य आत्माओं के प्रभाव से ही रामनगरिया क्षेत्र
में प्रतिदिन हजारों लोग साधुसंतों की सेवा में लगे हुए हैं। बांध से छोड़ा
जाने वाला पानी लोगों को परेशान कर रहा है।
इसके चलते लोग स्थान परिवर्तन
करने को मजबूर हैं। प्रशासन तमाम दावों के बाद भी नाले का पानी गंगा में
बदस्तूर गिर रहा है। बालू चोर शाम होते ही गंगा की कटरी से बालू खनन में
जुट जाते हैं। मेला क्षेत्र में लगे सफाईकर्मी अपने साथियों द्वारा ड्यूटी न
ज्वाइन करने के कारण मेला प्रशासन को धमकी देने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।
बड़े-बूढ़े भले ही आग का सहारा ले रहे हों लेकिन बच्चे अपने उल्लास में
डूबे हैं।
स्काउट-गाइडों ने दिखाए जौहर
मेला रामनगरिया के
सांस्कृतिक पांडाल मंच पर भारत स्काउट एवं गाइड्स के डिग्री कालेज एवं इंटर
कालेज के छात्रों ने प्रतिभाग किया। इसमें छात्रों ने नाटक, गीत, गंगा
स्वच्छता, नशा मुक्ति के संदेश दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विश्राम सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर
माल्यार्पण कर किया। मोहनलाल शुक्ला इंटर कालेज
के छात्रों ने शिक्षाप्रद
लघु नाटिका प्रस्तुत की। रस्तोगी इंटर कालेज के छात्रों ने ब्रज की होली
नृत्य प्रस्तुत किया। भारतीय महाविद्यालय के छात्रों ने नशा मुक्ति लघु
नाटिका का मंचन किया। एसपीजीआर इंटर कालेज के छात्रों ने श्याम वंशी बजाते
रहो की शानदार प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके अलावा
रामानंद इंटर कालेज, मदन मोहन कनौडिया इंटर कालेज और राजकीय बालिका इंटर
कालेज की छात्राओं ने भी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संतोष
त्रिपाठी, रामकिशोर मिश्रा, राजीव दीक्षित, रामतीर्थ अग्निहोत्री, प्रतिभा
मिश्रा, रीता पाठक, नम्रता पांडेय और राजकुमार आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का
संचालन इंदिरा राठौर ने किया।
योग के बताए गुर
मेला में
आर्य उप प्रतिनिधि सभा की ओर से योग शिविर का आयोजन किया गया। योग शिविर
में लोगों को योग की जानकारी दी गई। धर्मदेव चतुर्वेदी ने कहा कि योग करने
से समस्त प्रकार के रोग दूर होते हैं। इस दौरान हुए यज्ञ में लोगों ने
आहुतियां डालीं।
ब्रह्मचारी राजदेव ने भजन सुनाया। दलवीर शास्त्री ने
शाकाहारी बनने पर बल दिया। इस अवसर पर प्रदीप शास्त्री, रामचंद्र सिंह,
दीपक, वरुण, रामू, अजीत, कैलाश, मुन्ना यादव, हरिओम शास्त्री, उदिता पहलवान
और बनवारीलाल आदि मौजूद रहे।
नालों से जाता गंदा पानी
प्रशासन
भले ही लाख दावे करे कि गंगा में नालों का गंदा पानी नहीं जा रहा है।
हकीकत देखने पर यह वादे खोखले साबित हो रहे हैं। शहर के नालों का गंदा पानी
बादस्तूर गंगा में गिर रहा है। भैरवघाट के नीचे बह रहे गंदे नाले के पानी
सीधे गंगा में गिर रहा है। गंदा पानी रोकने के लिए साधुसंतों ने भी प्रशासन
से गुहार लगाई थी। इसके लिए जिलाधिकारी ने नगर पालिका को जिम्मा सौंपा था।
इसके बाद भी नतीजा सिफर है।
बालू खनन जारी
बालू खनन को
रोकने के लिए बड़े-बड़े वायदे किए जाते हैं। दिखावे में एक-दो गाड़ियों को
पकड़कर मामला इतिश्री कर लिया जाता है। गंगा की कटरी में शाम होते ही
ट्रैक्टर व बुग्गी चालक बालू खनन का काम शुरू कर देते हैं।