कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जेसीबी से मकान तुड़वा दिया। इस दौरान खूब
हंगामा हुआ। मकान में रहने वालों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। पूर्व
विधायक भी मौके पहुंचीं। इन्हाेंने इसकी शिकायत डीएम और एसपी से की है। मोहल्ला
सधवाड़ा निवासी सुशील साध की जमीन अंगूरीबाग में है। इस पर उसी मोहल्ले के
ही फूलसिंह लंबे समय से कब्जा किए हैं।
इनके बीच मुकदमेबाजी चल रही है।
शनिवार को सुशील साध कोर्ट का आदेश लेकर पुलिस बल के साथ जमीन खाली कराने
पहुंचे। साथ में नगरपालिका के कर्मचारी भी थे। पुलिस कर्मियों ने जेसीबी
से मकान को तुड़वा दिया। इसमें रह रहे फूल सिंह, इनके भाई रामरतन, गुड्डू,
रामऔतार, राजेंद्र का सामान बाहर फेंक दिया गया। इस पर इनकी पुलिस कर्मियों
से तीखी नोकझोंक हुई।
दरोगा मोहम्मद आसिफ ने परिजनों को हड़का कर शांत
कराया। राजेंद्र व रामरतन ने इसकी जानकारी पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत को
दी। वह समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचीं और सड़क पर पड़ा सामान टूटे मकान
में रखवा दिया। उर्मिला ने इसकी शिकायत डीएम और एसपी से की।
राजेंद्र ने
पूर्व विधायक को बताया कि दरोगा ने उन लोगों से सादे कागज पर हस्ताक्षर करा
लिए। इस पर पूर्व विधायक ने दरोगा को फोन कर खरी खरी सुना दंी। राजेंद्र
ने बताया कि सुशील के बाबा ने उनके पिता को जमीन दी थी। वह लोग करीब 80 साल
से यहां पर रह रहे थे।