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Farrukhabad News: रामगंगा की बाढ़ से कटान तेज, घर खाली कराने की कवायद

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतपुर। एक माह से गंगा की बाढ़ झेल रहे ग्रामीणों पर अब रामगंगा की बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। गंगा का जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर (सेमी.) ऊपर है जबकि रामगंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 15 सेमी दूर रह गया है। अलादपुर भटौली में कटान तेज होने से एसडीएम ने ग्रामीणों से घर खाली करने की अपील की।

गंगा का जलस्तर सोमवार को भी खतरे के निशान से 10 सेमी. ऊपर 137.20 मीटर पर स्थिर रहा। नरौरा बांध से दो लाख 9066 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। हालांकि पांचालघाट पर गंगा का जलस्तर 137.20 मीटर से ऊपर दिख रहा है। गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने से ग्रामीण की दिक्कतें बढ़ गई हैं। रामगंगा में उफान से पशुओं के चारे का संकट बढ़ गया है।
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ग्रामीण सुबह ही चारे के लिए पड़ोसी जनपद शाहजहांपुर के अल्हागंज, हरदोई के पाली निकल जाते हैं और शाम को वापस घर पहुंचते हैं। बाढ़ के पानी से बहादुरपुर मार्ग, अहिलामई मार्ग कट जाने से आवागमन बंद हो गया है। गांव अंबरपुर के बुधपाल सिंह ने बताया कि तहसीलदार व एसडीएम से कई बार मांग के बावजूद गांव में नाव नहीं डाली गई। इससे आने-जाने में परेशानी हो रही है। बाढ़ से घिरे गांव आशा की मड़ैया, कंचनपुर सबलपुर, अंबरपुर आदि के ग्रामीणों ने डीएम से मोबाइल शौचालय गांव के पास खड़े कराने को मांग की।
रामगंगा का 15 सेमी. बढ़ा जलस्तर
रामगंगा का जलस्तर 15 सेमी. बढ़ने के साथ 136.45 मीटर पर पहुंच गया है। इससे चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर मात्र 15 सेमी. दूर रह गया है। खो बैराज से 40296 क्यूसेक, हरेली बैराज से 10728 व रामनगर बैराज से 12031 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर ओर बढ़ने की आशंका है। कटान तेज होने से अलादपुर भटौली के ग्रामीण भयभीत हैं।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम रवींद्र सिंह ने कटान की स्थिति देखी और 18 परिवारों के मुखिया से घरों से सामान निकलकर घर छोड़ने को कहा है। एसडीएम ने कानूनगो अजय शुक्ला, लेखपाल कुलदीप तिवारी को बाढ़ शरणालय चालू कर ग्रामीणों को पहुंचाने के निर्देश दिए। बजीरपुर मार्ग पर तीन फीट पानी बहने तीन गांव का आवागमन बंद हो गया।



भरखा चौराहे पर कटी सड़क, चलने लगी नाव
गंगा की बाढ़ के पानी से भरखा चौराह के पास सड़क कटने से एक नाव डाली गई है। नाविक ग्रामीणों से 10 रुपये और बाइक के 20 रुपये वसूल रहे हैं। नाविक ने बताया है कि निजी नाव है, इससे वह रुपये वसूल रहा है।


मंझा गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम

बाढ़ग्रस्त गांव मंझा की मड़ैया में डाॅ.गौरव वर्मा, एलटी पवन कुमार सहित स्वास्थ्य टीम के साथ पहुंचे। गांव में पानी भरा होने से स्वास्थ्य टीम को बैठने की जगह तक नहीं थी। इससे एक टीला पर दवा रखकर ग्रामीणों को वितरित की गई। डॉ.गौरव वर्मा ने बताया है कि 98 मरीजों को दवा दी गई है। सर्वाधिक मरीज खुजली के और आई फ्लू के भी मरीज मिले।
बाढ़ पीड़ितों ने आवागमन के लिए मांगी नाव
शमसाबाद। क्षेत्र के गांव जटपुरा में प्रशासन ने एक नाव लगाई गई थी, इससे बाढ़ पीड़ितों का भला नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों को नाव का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीण गहरे पानी में घुसकर पैदल बाजार जा रहे हैं। या फिर घरों में कैद होकर रह गए। चुन्ना लाल, शिवराम, सत्यराम, सुरेंद्र आदि ग्रामीणों ने एक और नाव चलवाने की मांग की।
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सड़क कटने से यातायात रोका
कंपिल। बदायूं मार्ग पर गांव शेखपुर के निकट पुलिया से सटकर बाढ़ का पानी निकलने से सड़क नीचे मिट्टी कट गई। सड़क धंसने की आशंका से यातायात बंद कर दिया गया है। बाइक सवार व पैदल राहगीरों को एक-एक कर सड़क से निकाला जा रहा है। फिर बदायूं, बरेली जाने के लिए फर्रुखाबाद या शमशाबाद से होकर जाना पड़ेगा। नायब तहसीलदार सनी कनौजिया ने बताया कि सड़क के नीचे कटान की सूचना मिली है। राजस्व कर्मियों को भेजकर सड़क की जांच कराने के साथ आवागमन रोक दिया गया है।
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