सोमवार को बिना चालक के चल पड़ी मालगाड़ी के जमीन में धसे इंजन को उठाते
समय मंगलवार की सुबह हादसा होते बच गया। क्रेन की पकड़ से मालगाड़ी का इंजन
छूट कर ट्रैक पर गिर पड़ा। इससे ट्रैक करीब 11 घंटे बंद रहा। ट्रेनों का
आवागमन बंद होने तथा दो ट्रेनें निरस्त होने से यात्री परेशान रहे।
फतेहगढ़
रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के जमीन में धंसे इंजन को ट्रैकक से हटाने का
कार्य मंगलवार को सुबह चार बजे शुरू हुआ। इस कारण कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे
ट्रैक बंद कर दिया गया। आगरा और लखनऊ से आई दो क्रेेनों से इंजन उठाया जा
रहा था। इसको देखने के लिए भीड़ लग गई।
आरपीएफ थाने के प्रभारी डीपी वर्मा
ने सिपाहियों से भीड़ को खदेड़वा दिया। आगरा से आई क्रेन के गार्ड नितेश
सिंह व लखनऊ से आई क्रेन के गार्ड अनुज कुमार क्रेनों से इंजन को बांध कर
सुबह 8.35 बजे पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे थे। अचानक क्रेन का हुक सीधा
हो गया और इंजन पटरी पर पलट गया।
इससे इंजन का डीजल फैलने लगा। इस पर
विभागीय कर्मचारी अग्निशमन यंत्र निकाल कर लाए और डीजल पर डाल दिया। बाद
में आगरा से आई क्रेन 12.50 बजे तक फतेहगढ़ स्टेशन पर ला सकी। ट्रैक बंद
होने से ट्रेनों का आवागमन बंद रहा। दो ट्रेनें निरस्त कर दी गई।
मालगाड़ी चालक और प्वाइंट मैन निलंबित
फर्रुखाबाद।
डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल की जांच में मालगाड़ी चालक और प्वाइंट मैन को दोषी
मानकर उन्हें निलंबित कर दिया गया। डीआरएम ने मंगलवार को फर्रुखाबाद
स्टेशन पर वार्ता के दौरान बताया कि जांच में मालगाड़ी चालक सर्वेश कुमार
और प्वाइंटमैन दोषी पाए गए। इन्हें निलंबित कर दिया गया। बताया
कि सर्वेश
ने मालगाड़ी खड़ी करने के बाद उसे लाक नहीं किया था। वाकीटाकी से बता कर
दूसरी गाड़ी से चला गया था। साथ ही इस गाड़ी में ओट और जंजीर लगाने का काम
प्वाइंटमैन कुंअर वीरेंद्रप्रताप करना था जो उसने नहीं किया। दोनों की
लापरवाही सामने आई है। इन दोनों को निलंबित कर दिया गया। जांच हो रही है।
जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अहमदाबाद-लखनऊ ट्रेनों समेत कई लेट
फर्रुखाबाद।
सुबह 4 बजे कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे ट्र्रैक को बंद कर दिया गया। इसके सही
होने के बाद सबसे पहले जयपुर-कामाख्या एक्सप्रेस को दोपहर 2.30 बजे
फर्रुखाबाद से कानपुर के लिए रवाना किया गया। इस ट्रेन के आने का समय सुबह
8.25 बजे है। वहीं अहमदाबाद से लखनऊ जाने वाली ट्रेन का समय सुबह 9.25 बजे
है। इसे दोपहर 3.45 बजे रवाना किया गया।
कानपुर से आने वाली उत्सर्ग ट्रेन
के आने का समय 12.20 बजे है। यह ट्रेन 3.40 बजे फर्रुखाबाद स्टेशन पहुंची।
मथुरा से अनवरगंज जाने वाली ट्रेन को फर्रुखाबाद भेजा गया। अधिक लेट हो
जाने से रेलवे विभाग ने उसे कानपुर के लिए निरस्त कर दिया।
उधर फर्रुखाबाद
से सुबह कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को निरस्त किया गया। इसे दोपहर दो
बजे कासगंज के लिए रवाना किया गया। विभाग ने इस ट्रेन को यहीं से मथुरा के
लिए शाम को रवाना किया। लखनऊ-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के फर्रुखाबाद स्टेशन
पर आने का समय सुबह 11.20 बजे है। यह ट्रेन शाम 4 बजे फर्रुखाबाद स्टेशन पर
आई।
एक घंटे में सही किया ट्रैक
फर्रुखाबाद। क्षतिग्रस्त इंजन
को घटनास्थल से हटाने के बाद रेलवे कर्मचारियों रेलवे ट्रैक को सही करने का
काम शुरू किया। करीब एक घंटा तक चले अभियान के बाद रेलवे ट्रैक सही हो
सका। रेलवे विभाग के अफसरों ने पटरी की नापजोख सही होने के बाद ही ट्रैक को
चालू करने की अनुमति दी।
रेलवे अफसरों ने खोला कंट्रोल रुम
फर्रुखाबाद।
हादसे के बाद रेलवे विभाग के अफसरों ने घटना स्थल पर ही डेरा डाल दिया था।
विभाग ने अफसरों से वार्ता करने के लिए मौके पर ही कंट्रोल रूम बना लिया।
यहां रेलवे ने एंटिना खड़ा कर तारों को बिछा दिया था। सुबह से ही अफसर पल
पल की जानकारी दे रहे थे।
जीआरपी को रेलवे कंट्रोल में करने की कवायद
फर्रुखाबाद।
डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल ने बताया कि रेलवे के कंट्रोल में आरपीएफ है।
जीआरपी को भी रेलवे कंट्रोल में करने की कवायद की जा रही है। इसके बाद
स्टेशनों पर जीआरपी पुलिस सहायता केंद्र खोला जाएगा। फर्रुखाबाद स्टेशन पर
इज्जत नगर बरेली से आई नुक्कड़ नाटक की टीम ने यात्रियों को अपने नाटक से
मानवरहित रेलवे क्रासिंग पर देखकर चलने की सीख दी। डीआरएम ने बताया कि
स्वच्छता अभियान में फर्रुखाबाद अन्य जिलों की अपेक्षा फिसड्डी है।