फर्रुखाबाद। बगैर पूर्व सूचना के कर्मचारी गायब होने से लोहिया अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट छह घंटे बंद रहा। इमरजेंसी, पीकू और अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों को सिलिंडरों से ऑक्सीजन देकर काम चलाया गया। कर्मियों ने पीकू प्रभारी और सीएमएस को भी जानकारी दी। दोपहर दो बजे दूसरी शिफ्ट का कर्मचारी पहुंचने पर प्लांट चलाया जा सका।
डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल का जीवनरक्षक ऑक्सीजन प्लांट चलाने में लगे पीकू के कुछ कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं। रविवार सुबह आठ से दो बजे तक पीकू वार्ड के वार्ड बॉय उमाकांत की ड्यूटी लगी थी। यह कर्मचारी बिना किसी को पूर्व सूचना दिए ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। सुबह करीब दो घंटे तक टैंक की ऑक्सीजन चलती रही, इसके बाद खत्म हो गई।
इमरजेंसी, जनरल, सर्जरी, पीकू, जीरियाट्रिक, आर्थो आदि वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हो गई। इमरजेंसी में पहुंचने वाले गंभीर मरीजों को लगी ऑक्सीजन खत्म होते ही खलबली मच गई। कर्मचारियों ने सिलिंडरों से मरीजों को ऑक्सीजन देनी शुरू की। इस दौरान इमरजेंसी में करीब 10 मरीज भर्ती हुए।
कर्मचारी के गायब होने की सूचना पीकू वार्ड प्रभारी डॉ. विवेक को दी गई। इसके बाद सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त को अवगत कराया गया। काफी प्रयास के बावजूद दोपहर दो बजे तक दूसरे कर्मचारी की व्यवस्था नहीं हो सकी। लिहाजा मरीजों को छह घंटे तक सिलिंडर से ही ऑक्सीजन मुहैया कराई गई। दोपहर दो की शिफ्ट में दूसरे कर्मी के पहुंचने पर प्लांट चलाया गया। तब कहीं ऑक्सीजन मिल सकी। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि जानकारी मिली थी। मामला काफी गंभीर है। उन्होंने ड्यूटी लगाने वाले कर्मचारी से रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे।