कमालगंज। दरगाहे मखदूमिया शेखपुर में शुक्रवार रात जश्न सरकार-ए-मदीना का आयोजन किया। जिसमें महिलाओं के सम्मान, प्रकृति प्रेम व पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। शनिवार सुबह फातिहा ख्वानी के बाद अंतिम कुल शरीफ के साथ 700 वें उर्स का समापन हुआ।
उर्स-ए-मखदूम में शुक्रवार रात बाद नमाज ईशा से जश्न सरकार ए मदीना का आगाजकारी एजाज अहमद ने कुरान तिलावत ए पाक से किया। जलसे का संचालन शाहिद रजा ने किया। मालेगांव महाराष्ट्र के मौलाना अमीनुल कादरी ने कहा कि हजरत शेख मखदूम का संदेश था कि इंसान सही रास्ते पर चले।
दीन-दुखियों के प्रति इंसानियत का फर्ज निभाए। महिलाओं के प्रति सम्मान व पर्यावरण के लिए संवेदनशील बने। महरैरा शरीफ के सैय्यद शाह अमान मियां ने सूफी रस्मों व सूफी संतों के आदर्शों पर रोशनी डाली। मौलाना मसऊद अहमद बरकानी, अबुल कैश बनारसी, जाकिर मसउरी बहराइच, मोहम्मद खालिद अयूब जयपुर, इरफान आदि ने नातिया कलाम से छाप छोड़ी। सज्जादानसीन हजरत गालिब मियां ने मजार शरीफ में दुआ खैर की।
सचिव मोहसिन शमशी, हस्सान अहमद, एहसानुल हक, कामरान हाशमी, अब्दुल जब्बार, दानिश, वारिश खान, फसीहउद्दीन व्यवस्था में रहे।