फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में एंबुलेंस कर्मचारियों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे कर्मचारी बारिश के बाद भी पीछे नहीं हटे।
जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग 108, 102 एंबुलेेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले जिले भर के एंबुलेंस कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष कश्मीर कनौजिया ने कहा कि हम अल्प मानदेय लेने वाले कर्मियों की समस्या सुनने को कोई तैयार नहीं है। यह सहन नहीं किया जाएगा। कंपनी की ओर से हो रहे शोषण को खत्म कराया जाए। कई कर्मियों को उम्र अधिक होने से अब दूसरी जगह नौकरी नहीं मिलती है। कंपनी कर्मियों को निकालना चाहती है। महंगाई के दौर में मानदेय बढ़ने के बजाय कम किया जा रहा है। इस मौके पर तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।
संगठन जिलाध्यक्ष कश्मीर कनौजिया ने इमरजेंसी मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए दो और एंबुलेंस स्टाफ सहित राजेपुर और नवाबगंज को उपलब्ध करवा दी हैं। इससे पहले पुलिस लाइन, जहानगंज और कायमगंज में 3 एंबुलेंस काम कर रही थीं।
फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला सुभाषनगर बजरिया निवासी विनय श्रीवास्तव की पत्नी वंदना (24) नौ माह की गर्भवती है। मंगलवार सुबह अचानक पीड़ा उठी। विनय ने दो घंटे लगातार एंबुलेंस के लिए फोन किया, मगर नहीं पहुंची। लिहाजा वह ई-रिक्शा पर बैठाकर पत्नी को लोहिया महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। विनय ने बताया कि सड़कों में गड्ढों की वजह से पत्नी की हालत ही खराब हो गई। पता नहीं कब एंबुलेंस सेवा बहाल होगी।
फर्रुखाबाद। नवाबगंज के गांव जाटवन नगला निवासी शिशुपाल का पुत्र दीपक (18) शनिवार को कस्बे के चौराहे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गया था। उसे परिजनों ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। पैर में कई जगह से हड्डी टूटी होने से यहां से रेफर किया गया। शिशुपाल गांव में मेहनत मजदूरी करते हैं। बताया कि रविवार को यदि एंबुलेंस मिल जाती, तो वह सैफई ले जाते। काफी जी-हुजूरी के बाद उधार रुपये लाकर निजी एंबुलेंस से बेटे को सैफई ले गए।