फर्रुखाबाद। जनपद को टीबी मुक्त करने के लिए गुरुवार को फतेहगढ़ सीएचसी सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। बिजली गुल हो जाने से प्रोजेक्टर ठप हो गया। सीएमओ ने जनरेटर चलाने के आदेश दिए तो पता चला महीनों से खराब है। वहीं हैरत की बात यह है कि खराब जेनरेटर के लिए डीजल की खपत बदस्तूर जारी है।
टीबी मुक्त करने के लिए जिले के नौ लाख लोगों की करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फतेहगढ़ सीएचसी में ब्लाक बढ़पुर, नवाबगंज, राजेपुर व कायमगंज क्षेत्र के सीएचओ को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार निरीक्षण करने पहुंचे। चंद मिनटों में ही बिजली चली तो प्रोजेक्टर बंद हो गया। इस पर सीएमओ ने जनरेटर चलाने के निर्देश दिए।
कर्मचारी ने बताया कि खराब है, इससे सीएमओ नाराज हो गए और कहा कि जनरेटर आखिरी बार कब चलाया गया, इस पर कर्मचारी चुप्पी साध गया। बताया जा रहा है महीनों से जनरेटर खराब है, जबकि डीजल खर्च हो रहा है। सीएमओ ने डीजल लॉगबुक तलब कर ली। आखिरकार बिना प्रोजेक्टर के ही सीएचओ को प्रशिक्षण देना पड़ा।
इसी दौरान सीएमओ ने सभी सीएचओ को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक हेल्थ वेलनेस खुला न मिलने पर कार्रवाई का भी अल्टीमेटम दिया है। सीएमओ ने सात दिसंबर से 17 मार्च तक चलने वाले 100 दिन के टीबी मुक्त अभियान के लिए टिप्स देते हुए सफल बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान सौरभ तिवारी, रणविजय प्रताप सिंह मौजूद रहे।