बिजली की समस्या से जूझ रहे फतेहगढ़ के मोहल्ला अंबेडकर कालोनी के बाशिंदों
ने मंगलवार की दोपहर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। इन्होंने पुलिस और
बिजली विभाग के अफसरों के खिलाफ नारे लगाए। तहसील दिवस से कलेक्ट्रेट जा
रहे अपर जिलाधिकारी जाम देखकर लौट गए। जाम की जानकारी पर पहुंचे कोतवाल
युवकों को पकड़ कर हड़काने लगे। इससे
इनकी भीड़ से झड़प हो गई। जाम से सड़क
पर दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। एसडीएम सदर की गाड़ी भी फंस गई।
एसडीएम सदर ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर शांत किया। इन्होंने समस्या
से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खुला।
अंबेडकर कालोनी
में लगा ट्रांसफार्मर आएदिन फुंकता है। इससे बिजली की समस्या से जूझना
पड़ता है। ट्रांसफार्मर के रखने की जगह तय नहीं है। इससे परेशान अंबेडकर
कालोनी के लोगों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। इन्होंने कालोनी के बाहर
मुख्य मार्ग पर दोपहर में जाम लगा दिया। जाम में आर्मी की गाड़ी, स्कूल बस
समेत अन्य वाहन करीब एक घंटे तक फंसे
रहे। इसी दौरान तहसील दिवस से अपर
जिलाधिकारी मनोज सिंघल आवास पर जा रहे थे। जाम देखकर इन्होंने सुरक्षा
गार्डों को जानकारी लेने के लिए भेजा। बिजली समस्या पर जाम लगने की जानकारी
मिलने पर एडीएम शहर की ओर लौट गए। जानकारी मिलने पर फतेहगढ़ कोतवाल अजीत
सिंह जाम स्थल पर पहुंचे। इन्होंने तीन युवकों को पकड़कर धमकाना शुरू
कर
दिया। यह देख जाम लगाए लोग भड़क गए। महिलाएं सड़क पर लेट गईं। पब्लिक ने
कोतवाल से कहा कि तीन लोग नहीं सभी लोगों को हवालात में बंद करना होगा।
इसको लेकर स्थानीय लोगों और कोतवाल में नोकझोंक हो गई। मामला बिगड़ता देख
कोतवाल ने तीनों युवकों को छोड़ दिया। जाम लगाए लोगों ने पुलिस और बिजली
विभाग के अफसरों के
खिलाफ नारे लगाए। इसी दौरान एसडीएम सदर सुनील वर्मा की
गाड़ी इस जाम में फंस गई। एसडीएम सदर ने जाम लगाए लोगों की समस्या सुनी और
समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने जाम खोला।
अफसर नहीं पहुंचे
मुख्य
मार्ग पर करीब एक घंटे तक लगे जाम की जानकारी मिलने पर भी विभागीय अधिकारी
मौके पर नहीं पहुंचे। पुलिस जाम लगाए लोगों को समझाने में लगी रही। आखिर
में एसडीएम सदर ने पहुंच कर बिजली विभाग के अफसरों से बात कर समस्या समाधान
कराए जाने का आश्वासन दिया।