संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। जनपद की सड़कों पर वाहन संचालन की स्थिति चिंताजनक है। करीब आठ हजार अनफिट वाहन सड़क पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे यातायात व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है। इन वाहनों में स्कूल वाहन भी शामिल हैं।
विगत 20 दिनों से एआरटीओ कार्यालय में वाहन फिटनेस जांच पूरी तरह ठप पड़ी है। ऐसे में करीब 900 से अधिक व्यावसायिक वाहन फिटनेस न होने से अटके हुए हैं या सड़क पर चलते ही भारी जुर्माने का सामना कर रहे हैं। परिवहन विभाग के नियमों के तहत बड़े और व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य है।
वहीं, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की संख्या भी काफी है। इन वाहनों की मॉनिटरिंग न होने के चलते हादसों का खतरा और बढ़ रहा है। मंगलवार को कमालगंज क्षेत्र में एक अनफिट स्कूली वैन में आग लग गई थी, जिसमें 15 बच्चे बाल-बाल बच गए।
जनपद में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या ढाई लाख से अधिक है। इनमें से करीब दो लाख दोपहिया वाहन, लगभग 30 हजार चारपहिया निजी वाहन तथा शेष में बसें, ट्रक, टेंपो आदि हैं।
एआरटीओ सुभाष राजपूत ने बताया कि पुराने और अनफिट वाहनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। फिटनेस कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर अमानक वाहनों को सीज किया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फोटो-15 मिलेट्री चौराहे पर यातायात कर्मचारियों के सामने से स्कूली बच्चों को लेकर जाता अमानक ओव
फोटो-15 मिलेट्री चौराहे पर यातायात कर्मचारियों के सामने से स्कूली बच्चों को लेकर जाता अमानक ओव
फोटो-15 मिलेट्री चौराहे पर यातायात कर्मचारियों के सामने से स्कूली बच्चों को लेकर जाता अमानक ओव