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तीसरे दिन भी शिक्षामित्रों का आंदोलन जारी

Fri, 28 Jul 2017 11:53 PM IST
farrukhabad
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काली पट्टी बांधकर विरोध करते शिक्षामित्र। - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। समायोजन रद्द होने के तीसरे दिन भी शिक्षामित्रों ने आंदोलन जारी रखा। शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करते हुए सभा की। शिक्षक नेता विजय बहादुर यादव ने शिक्षामित्रों के सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
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शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनुराग पांडेय और उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल यादव ने कहा कि शिक्षक संगठन यदि समर्थन करना चाहते हैं तो वे अपने लेटरपैड पर लिखकर दें। स्कूल बंद करके धरना-प्रदर्शन करें। धरने के दौरान निर्णय लिया गया कि शिक्षामित्र शनिवार को कटोरा लेकर भीख मांगेंगे।

ऋषिपाल यादव ने कहा कि उन्हें अपने बच्चों की बहुत याद आती है। इन बच्चों से दूर कर दिया गया तो शिक्षामित्र सरकार से आर-पार की लड़ाई लडे़ंगे। इस दौरान शिक्षामित्रों ने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य का विरोध किया। उन्होंने कहा कि कुछ असमाजिकतत्व कार्यक्रम में विघ्न डालने के लिए अव्यवस्था फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरनास्थल पर भारत माता की जय-जयकार के नारे भी लगे और राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम को विराम दिया गया।
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भाजपा जिलाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
भाजपा के जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने शिक्षामित्रों को भरोसा दिलाया कि सरकार को उनके दर्द का पूरी तरह से अहसास है। सरकार कुछ न कुछ निर्णय जरूर लेगी। अभी से इस संबंध में कुछ कहना मुश्किल है। इस मौके पर शिक्षामित्रों ने भाजपा जिलाध्यक्ष को ज्ञापन भी दिया।

170 स्कूलों में कार्य प्रभावित
शिक्षामित्रों के आंदोलन के चलते करीबन 170 स्कूलों में कार्य प्रभावित हुआ है। बीएसए संदीप चौधरी ने बताया कि 170 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें शिक्षामित्र इंचार्ज थे। यह स्कूल पड़ोसी स्कूलों के शिक्षकों से खुलवाए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षामित्र अवकाश लेकर धरने में शामिल हों। जिन शिक्षामित्रों के पास चाभी है। वह चाभी स्कूल में तैनात शिक्षक को सौंप दें।

राजेपुर में 12 स्कूल रहे बंद
राजेपुर के खंड शिक्षाधिकारी एसएस मौर्या ने कहा कि राजेपुर क्षेत्र के 12 स्कूल शुक्रवार को बंद रहे। इनको कल पड़ोसी स्कूलों के शिक्षकों से खुलवाया जाएगा। उधर, शमसाबाद के खंड शिक्षाधिकारी वेगीश गोयल ने बताया कि शमसाबाद क्षेत्र में गुटैटी दक्षिण, गढ़िया सौदान, नगला समाधान, नगला बबुरारा, मंझा की मढ़ैया, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंझा सरीफपुर में शिक्षामित्र ही तैनात थे, जिस वजह से शमसाबाद क्षेत्र के यह स्कूल बंद रहे। वेगीश गोयल ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय भगवानपुर, नगला बसोला में कोई शिक्षामित्र नहीं था। इसके बाद भी इन स्कूलों के बंद रहने की सूचना मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि गौटिया में स्पष्टीकरण तलब किया गया। प्राथमिक विद्यालय मुबारिकपुर में शिक्षामित्र 9 बजे पहुंचीं और 9.15 बजे हस्ताक्षर करके चली गईं।

मोदी का भाषण सुनाया गया
धरनास्थल पर 12 सितंबर 2015 को उच्च न्यायालय के शिक्षामित्रों के खिलाफ हुए आदेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षामित्रों को जो भरोसा दिया था, उसे टेप के माध्यम से सुनाया गया।

एमडीएम न बनने वाले स्कूलों की संख्या बढ़ी
एमडीएम प्रभारी वेगीश गोयल ने बताया कि 25 जुलाई को शिक्षामित्रों के समायोजन के बाद एमडीएम न बनने वाले स्कूलों की संख्या बढ़ रही है। 24 जुलाई को तीन स्कूलों में एमडीएम नहीं बना और 25 जुलाई को दो स्कूलों में। 26 जुलाई को 82 स्कूलों में एमडीएम नहीं बना।
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