फर्रुखाबाद। पांचाल घाट गंगा तट पर बसी आस्था की नगरी में शतचंडी महायज्ञ के लिए निकली कलश यात्रा में जन सैलाब उमड़ा। कलश यात्रा में डीजे और घंटा घड़ियालों की ध्वनि पर साधु संत झूमते रहे। गंगा मइया के जयकारों से मेला क्षेत्र गुंजायमान रहा।
मेले में धार्मिक अनुष्ठानों की धूम है। गंगा स्नान के लिए कल्पवासियों की राउटियों में परिजन और रिश्तेदार भी पहुंचने लगे हैं। इससे भीड़ बढ़ने लगी है। सोमवार को स्वामी बच्चा बाबा के क्षेत्र में शतचंडी महायज्ञ से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। इसमें राम दरबार, शिव परिवार, नौ देवी की कई झांकियां बाल रूप में सजी थीं। यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश रखकर भक्तों के साथ चल रहीं थीं।
स्वामी बच्चा बाबा शिवस्वरूप महाराज ने करतब दिखाए। कलश यात्रा पर कल्पवासी फूलों की बारिश कर रहे थे। बैंडबाजों की धुन पर साधु संत संकीर्तन कर रहे थे। रामनगरिया के संस्थापक ब्रह्मलीन गुरु स्वामी श्यामा नंद महाराज की मूर्ति विराजमान थी। गंगा तट पर कलशों में जल भर कर पूजा अर्चना की गई। बाद में यज्ञशाला में गंगा जल से भरे कलशों को स्थापित किया गया। समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान देवानंद सरस्वती, शिवबोधा आश्रम, ब्रह्मचारी मंगलस्वरूप आदि मौजूद रहे।
सांस्कृतिक पंडाल में महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया। विशिष्ट अतिथि मंजू ने बेटियों की महिमा का बखान किया। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या ज्योत्सना सिंह ने कहा कि नारियां हमेशा ही सम्मानित होती रहीं हैं। नारी किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं हैं। बेटियों को कोख में न मारें, उन्हें जन्म लेने दें। दहेज रूपी दानव को खत्म करना चाहिए। सम्मेलन की सह संयोजक रमला राठौर ने कहा कि नारियां देश का इतिहास बनाती हैं। छात्रा दिव्या, पारुल, पलक, कोमल, तान्या, आकांक्षा ने नृत्य प्रस्तुत किया। समरीन, शायना, तान्या, प्रिया ने मतदान जागरूकता का नाटक प्रस्तुत किया। इस दौरान सुमन राठौर, श्रद्धा पांडे, विटाना चौहान, सरिता त्रिवेदी, नीलम दुबे रहीं। संचालन दीप्ति सिंह ने किया।
वैदिक क्षेत्र के चरित्र निर्माण शिविर में गोरक्षा सम्मेलन का आयोजन स्वामी महेंद्रानंद की अध्यक्षता में किया गया। सहारनपुर के आचार्य शिवकुमार शास्त्री ने कहा कि गाय माता है। प्रत्येक हिंदू गाय को माता कहकर पुकारता है। गाय ही कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसलिए हर हिंदू को गाय की रक्षा के लिए रहना चाहिए। आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि गाय गृहस्थ की संपत्ति है। प्रदीप शास्त्री ने कहा कि वेद में गोवध का निषेध है। राजनैतिक कारण गोहत्यारों को संरक्षण दिया जाता रहा है। लबीर शास्त्री व दिव्या रामायणी ने राम कथा सुनाई। उदिता आर्या ने गो आराधना की। इस दौरान संदीप आर्य, हरिओम शास्त्री, ओमशरण आर्य, शैलेष शास्त्री, अजीत आर्य आदि उपस्थित रहे।
मेला रामनगरिया में कलश में जल भरकर जातीं महिलाएं। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD
मेला रामनगरिया में नृत्य करता साधु। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD