फर्रुखाबाद। ई-व्हीकल की खरीद पर अब तक मिल रही पंजीकरण शुल्क की छूट 13 अक्तूबर से समाप्त हो जाएगी। सरकार इस सुविधा को वापस लेने की तैयारी में है।
त्योहारों में यह कदम ई-व्हीकल खरीदारों की जेब पर असर डालेगा। अब पंजीकरण शुल्क देने के बाद वाहनों की कीमत में 10 से 12 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी होगी।
पिछले एक वर्ष में दोपहिया ई-व्हीकल के बाजार में तीन गुना उछाल आया है। पोर्टेबल चार्जिंग बैटरी और कम चार्जिंग समय ने लोगों को इसकी ओर आकर्षित किया है। कारोबारी लकी गुप्ता के अनुसार साल 2024 में हर शोरूम पर औसतन 10 ई-व्हीकल बिकते थे, अब यह संख्या 30 तक पहुंच गई है।
एआरटीओ प्रशासन बीएन चौधरी ने बताया कि सरकार की ओर से ई-व्हीकल पर दी गई छूट 2025 तक थी। इसकी समय सीमा अब समाप्त हो रही है। इसके बाद ई-व्हीकल पर भी सामान्य वाहनों की तरह करीब 12 प्रतिशत पंजीयन शुल्क देना होगा।
ई-वाहन किफायती
फर्रुखाबाद के गणेश प्रसाद स्ट्रीट निवासी आशीष कनौजिया का कहना है कि कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन ई-व्हीकल अभी भी किफायती विकल्प हैं।
बचत होती है
कादरीगेट निवासी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि ई-व्हीकल से ईंधन लागत में करीब 70 फीसदी तक की बचत होती है। शहर में सफर के लिए यह सबसे किफायती विकल्प है।
कितनी मिल रही छूट
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अनुसार प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ग्राहकों को भारी सब्सिडी दी जा रही है। नीति के अनुसार प्रदेश में खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों के फैक्टरी मूल्य पर 15 प्रतिशत की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। इसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 5,000 रुपये प्रति वाहन, इलेक्ट्रिक तीन पहिया वाहनों पर अधिकतम 12,000 रुपये और इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहनों के लिए प्रति वाहन पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही।
फोटो-20, शोरूम पर खड़ी ई-स्कूटी। संवाद
फोटो-20, शोरूम पर खड़ी ई-स्कूटी। संवाद