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अल्लाह की बारगाह में खुशहाल मुल्क की दुआ

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शहर की नई बस्ती स्थित सुनहरी मस्जिद में नमाज पढ़ते लोग। - फोटो : FARRUKHABAD
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अल्लाह की बारगाह में खुशहाल मुल्क की दुआ
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फर्रुखाबाद। ईद-उल-जुहा पर नमाजियों ने अल्लाह की बारगाह में मुल्क की खुशहाली और कोरोना से मुक्ति के लिए दुआ मांगी गई। इमामबाड़े सूने रहे और मस्जिदों में चंद लोगों ने ही नमाज पढ़ी। एक दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी।
बुधवार को सुबह आठ बजे के करीब मस्जिदों में 50-50 लोगों को प्रवेश दिया गया। खुशनुमा माहौल में नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। जो लोग मस्जिदों में देर से पहुंचे उन्हें लौटा दिया गया। अधिकांश लोगों ने घरों में ही नमाज पढ़ी। इसके बाद घरों में कुर्बानी देने का सिलसिला शुरू हुआ।
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शहर की सभी मस्जिदों और ईदगाहों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। टाउनहाल स्थित काजी मस्जिद के पास सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य, सीओ सिटी नितेश सिंह, कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय, मऊदरवाजा इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह तैनात रहे। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने शहर में घूमकर अधिकांश मस्जिदों का जायजा लिया। अधीनस्थों को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के निर्देश दिए।
ईदगाह से लौटाए नमाजी
पुरानी ईदगाह पर कुछ नमाजी पहुंचे। वहां मौजूद मऊदरवाजा इस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने उन्हें वापस कर दिया। कहा कि मस्जिदों में ही 50 लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति है।
बेरौनक रहीं शहर की सड़कें
कोरोना काल से पहले ईद के दिन सुबह से शाम तक सड़कों पर खासी भीड़ रहती थी। मगर इस बार बेरौनक रहीं। लोगों ने अपने घरों में ही बने पकवानों से काम चलाया। चंद खास लोगों के यहां ही ईद मिलने के लिए बच्चे और परिवार की महिलाएं गईं।
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नहीं लगे मेले, बच्चे दिखे मायूस
हर साल ईद पर ईदगाहों के बाहर सड़कों पर मेले लगते थे। छोटे बच्चे माता-पिता के साथ मेले में खिलौने खरीदते और झूला झूलकर मस्ती करते थे। इस बार मेले नहीं लगे।
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