पांच गांवों में घरौनी के लिए उड़ा ड्रोन
फर्रुखाबाद। ग्रामीण आबादी क्षेत्र में भवन और खाली पड़ी भूमि की घरौनी बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। सोमवार को पांच गांवों में ड्रोन कैमरे से सर्वे किया गया। जिलाधिकारी ने मानवेंद्र सिंह ने ब्लाक कमालगंज के गांव महरूपुर बीजल में ड्रोन से सर्वे का शुभारंभ किया।
स्वामित्व योजना के तहत गांवों में आबादी क्षेत्र का ड्रोन कैमरे से सर्वे कर नक्शा बनाया जाएगा। कौन सा भवन और भूमि किसकी है इसका ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा। सर्वे कर भवन और भूमि पर काबिज लोगों का नाम रिकार्ड में दर्ज किया जाएगा। कृषि क्षेत्र की तरह आबादी क्षेत्र की घरौनी में भवन, खाली भूमि के स्वामी का नाम दर्ज किया जाएगा।
इससे ये स्पष्ट हो जाएगा अमुख भूमि या भवन अमुख व्यक्ति का है। घरौनी बनने के बाद से सहन और नाली के लिए होने वाले विवादों पर अंकुश लगेगा। भवन और भूमि का स्वामित्व तय होने के बाद भवन निर्माण के लिए गांवों में भी बैंकों से ऋण मिल सकेगा।
डीएम ने सर्वे के दौरान प्रत्येक घर का चिह्नांकन करने के लिए चूना डालने में लापरवाही न बरते जाने की चेतावनी दी है। सर्वे के शुभारंभ के दौरान एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एसडीएम अनिल कुमार, डीपीआरओ शिवशंकर सिंह, एडीओ सत्यनारायण सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रथम चरण में 10 गांव का सर्वे
प्रथम चरण में कमालगंज ब्लाक क्षेत्र 10 गांवों को सर्वे में शामिल किया गया है। सोमवार को गांव महरूपुर बीजल, बंदरखेड़ा, सरवर आलमपुर, मेदाश्यामपुर व समाउद्दीनपुर का ड्रोन कैमरे से सर्वे किया गया। घरों के चिह्नांकन के लिए चूना डाला गया। चूने के आधार पर घर का नक्शा कैमरे में कैद हो गया। लेखपाल धर्मेंद्र ने बताया कि मंगलवार को करीमगंज, बहोरना, महमदपुर अमलैया, सिरौंज व दानमंडी में सर्वे किया जाएगा।
घरौनी पर मांगी जाएंगी आपत्तियां
तहसीलदार सदर राजू कुमार ने बताया कि पहले चरण में 10 गांवों का सर्वे करने के बाद इनकी कंप्यूटर पर फीडिंग होगी। फिर मैप से मौके पर मिलान किया जाएगा। किसी को आपत्ति होने पर उसका संशोधन किया जाएगा। इन गांवों की घरौनी आने के बाद दूसरे चरण का सर्वे किया जाएगा।