दो दिन से हो रही बूंदाबांदी से सर्दी बढ़ गई है। निकाय व तहसील प्रशासन
अलाव जलवा रहा है लेकिन यह नाकाफी साबित हो रहे हैं। इससे लोग हलकान हैं।
आलू व सरसों में रोग लगने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। गुरुवार के बाद शुक्रवार
को भी सुबह से शुरू हुई बूंदाबांदी दिन भर होती रही।
साल के पहले दिन
से शुरू हुई बूंदाबांदी से सर्दी में इजाफा हो गया। शुक्रवार को जिले में
3.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। इससे पारा 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
ऐसे में लोगाें को अलाव का सहारा बचा है। पालिका शहर में 59 जगह अलाव
जलवाने का दावा कर रही है। हकीकत यह है कि भीड़ वाले इलाकों में अलाव जल ही
नहीं रहे हैं। ऐसा ही हाल जिले के दूसरे निकायों का है।
बूंदाबांदी से
देहात इलाकों की सड़काें पर कीचड़ हो गया बाजार सन्नाटे में रहे। गर्म
कपड़ों व बिजली के उपकरणाें के अलावा दूसरे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
ट्रेनाें के लेट आने का सिलसिला बरकरार है। यात्रियाें के घर से कम निकलने
से रोडवेज को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इस मौसम से आलू में झुलसा व
सरसाें में माहू की आशंकाएं बढ़ गई हैं। इससे किसान परेशान होने लगे हैं।
अपर जिला कृषि अधिकारी अतर सिंह यादव ने बताया कि अगर मौसम नहीं खुला तो इन
फसलों में रोग लग सकता है। बरसात से गेहूं व तंबाकू को नुकसान नहीं होगा।
तहसीलों को मिला और बजट
शासन
ने सर्दी से राहत के लिए जिले की तहसीलाें को 50 -50 हजार रुपये की एक और
किस्त दी है। इसके अलावा तहसील फर्रुखाबाद व कायमगंज को 600-600 कंबल और
दिए जाएंगे। अभी प्रशासन ने 3458 कंबल बांटे हैं।
ईंट भट्ठाें को 18 करोड़ का नुकसान
सर्दी व बरसात ने कारोबार को तगड़ा झटका दिया है। अभी व दिसंबर की बरसात
ने ईंट भट्ठों को 18 करोड़ रुपये की चपत लगाई है। सर्राफा बाजार में
बिक्री 80 फीसदी गिर गई है। बर्तन बाजार की भी रौनक चली गई है।
जिले
में 120 ईंट भट्ठा हैं। दिसंबर व जनवरी की बरसात ने एक ईंट भट्ठे पर औसतन 3
लाख ईटें खराब कर दी हैं। एक कच्ची ईंट की लागत 2 रुपये है। इस लिहाज से
एक ईंट भट्ठा को 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 120 ईंट भट्ठों के लिहाज
से दो माह में 18 करोड़ क ा नुकसान हुआ है।
सर्र्दीं में काम की रफ्तार कम
होने से 20 से 30 फीसदी ही ईटों की ब्रिकी हो पा रही है। ईंट भट्ठा
एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष नारायण अग्रवाल का कहना है कि बरसात ने तगड़ा
नुकसान किया है।
फतेहगढ़ सर्राफा कमेटी के कुमार चंद्र वर्मा का कहना
है कि सर्दी में बाजार की रौनक पहले से ही डूबी हुई थी। बूंदाबांदी ने
दिक्कत और बढ़ा दी है। 70 से 80 फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ है। बर्तन
कारोबारी प्रशांत का कहना है कि बर्तन बाजार भी सर्दी का असर है। तकरीबन 60
फीसदी कारोबार में कमी आई है।