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बिना मॉस्क, ग्लब्स के बसें दौड़ा रहे चालक-परिचालक

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रोडवेज बस में बिना मास्क के बैठे यात्री। - फोटो : FARRUKHABAD
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बिना मास्क, ग्लब्स पहने बसें दौड़ा रहे चालक-परिचालक
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फर्रुखाबाद। रोडवेज बसों के संचालन से पूर्व सख्त निर्देश थे कि बस में चालक, परिचालक से लेकर सभी यात्री मास्क लगाए होंगे। चालक-परिचालकों को ग्लब्स भी पहनने के निर्देश थे, मगर इनका अनुपालन नहीं हो रहा है। इससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है।
कोरोना संक्रमण से खुद बचने और सवारियों को सुरक्षित रखने की मंशा से शासन ने चालक-परिचालकों को मास्क, ग्लब्स अनिवार्य किए थे। किसी यात्री के भी बिना मास्क के बस में प्रवेश से मनाही थी। बावजूद इसके पांच दिन में ही आदेश हवा हवाई हो गए।
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शनिवार को दिल्ली, आगरा, हरदोई आदि रूटों पर जाने वाली बसों के चालक न तो मास्क लगाए थे और न ही ग्लब्स पहने दिखे। यही नहीं बसों में बैठे ज्यादातर यात्री बिना मास्क के ही बैठे थे। इसके लिए परिचालक भी उन्हें टोकते नहीं दिखे। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
घाटे में चल रही हैं रोडवेज बसें
फिलहाल दिल्ली रूट पर लालकुआं, आगरा, इटावा, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, हरदोई, बदायूं आदि रूटों पर 35 बसें चल रही हैं। इनमें लोड फैक्टर 40 स 45 फीसदी ही आ रहा है, जबकि 60 फीसदी लोड होने पर ही कुछ फायदा होता है।
रास्ते से बिना थर्मल स्क्रीनिंग बैठ रहे यात्री
स्टैंड पर तो यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग करके बसों में बैठाया जा रहा है, मगर रास्ते में जो भी यात्री मिल रहे हैं उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में संक्रमण के लक्षणों की पड़ताल करना बेकार साबित हो रहा है।
मास्क नहीं दे पा रहे साथ
सभी चालक-परिचालकों को एक-एक मास्क मिल रहा है। एक मास्क की लाइफ छह-सात घंटे की है। दिल्ली रूट पर एक तरफ से ही आठ-नौ घंटे लग जाते हैं। ऐसे में मास्क बेकार हो जाता है। इससे स्टाफ काफी परेशान है।
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‘चालक-परिचालक बिना मास्क, ग्लब्स और यात्री बिना मास्क के बस में सवार हैं, तो गंभीर बात है। यह ठीक नहीं होगा। जांच कराकर लापरवाहों पर कार्रवाई करेंगे।’
अंकुर विकास, एआरएम
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