फर्रुखाबाद। शहर के भूमिगत नालों पर पड़ी स्लैब की खराब गुणवत्ता के कारण वे टूटकर धंस रहे हैं। कई बाहरी नालों पर पड़े लोहे के जाल भी टूटे हुए हैं। व्यस्त स्थानों पर नाले खुले पड़े हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
जिम्मेदार अधिकारी मरम्मत को लेकर बेपरवाह बने हुए हैं। सदर विधायक सुनील दत्त द्विवेदी के मोहल्ला सेनापति के मोड़ पर एक स्लैब टूटकर उसकी सरिया दिख रही हैं। इसकी न तो मरम्मत की गई और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए हैं। कई लोग इन खुले नालों से चोटिल भी हो चुके हैं। शहर के नाला मछरट्टा से गुदड़ी होकर पक्कापुल तक भूमिगत नाला बना है। इस नाले पर कई स्थानों पर लोहे के जाल पड़े हैं। गुदड़ी में एक जाल के दो हिस्सों में से आधा हिस्सा धंस गया है। पालिका ने कई स्थानों पर नाले की सफाई के लिए तोड़फोड़ करने के बाद सीमेंट की स्लैब डाली है।
प्रमुख स्थानों पर बदहाल स्थिति
मोहल्ला सेनापति के मोड़ पर एक दुकान के सामने स्लैब का आधे से अधिक हिस्सा नाले में धंस गया है। इसकी सभी सरिया स्पष्ट दिख रही हैं। लिंजीगंज सिविल अस्पताल गेट के सामने सड़क पार करने वाली पुलिया का काफी हिस्सा कई महीने से खुला पड़ा है। इस पर पड़े बड़े सीमेंट के खंभों को हटाकर अलग रख दिया गया था, जिन्हें दोबारा नहीं रखा गया। इससे हादसा होने की आशंका बनी हुई है। भोलेपुर में पीपल के पास फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ मुख्यमार्ग पर एक लोहे का बड़ा जाल धंस चुका है।
अधिकारियों की बेपरवाही और मरम्मत का आश्वासन
इन डाली गई स्लैब की गुणवत्ता खराब होने के कारण ये आए दिन धंस रही हैं। पक्कापुल से गुदड़ी की ओर हनुमान मंदिर से कुछ दूरी पर छह-सात माह पहले डाली गई स्लैब की कंक्रीट उखड़ने लगी है। इससे कुछ महीनों में इसका भी टूटना तय माना जा रहा है। ईओ विनोद कुमार ने बताया कि जो भी जाल अथवा स्लैब टूटे हैं, उन्हें शीघ्र ही सही कराया जाएगा।