फर्रुखाबाद। गंगा में शहर के गंदे नाले के मिलने, मेले में पेयजल व्यवस्था ध्वस्त होने और रास्तों पर फैली गंदगी के विरोध में दंडी संतों ने हल्ला बोल का निर्णय लिया है। संतों का कहना है कि तीन दिन में गंदे नाले का पानी गंगा में जाने से न रोका गया तो वह अनशन करेंगे।
मेला रामनगरिया में कल्पवास कर रहे लोगों को गंगा में गिर रहे गंदे नाले के पानी में डुबकी लगानी पड़ रही है। सोमवार को दंडी समाज के संतों ने बैठक की। मेला क्षेत्र में पीने के पानी के लिए पर्याप्त व्यवस्था न होने की शिकायत की गई। दंडी मंडल के अध्यक्ष रामप्रकाश आश्रम ने कहा कि मेले के मार्गों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। मेला प्रशासन मेले में सफाई करवाने में नाकाम रहा है। मेला क्षेत्र में लगाए गए हैंडपंप पानी नहीं दे रहे हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि गंगा में गिर रहे नाले के पानी में स्नान करना पड़ रहा है। चेतावनी दी कि अगर गंगा में गिरने वाले नाले को तीन दिन के अंदर बंद न करवाया गया तो दंडी मंडल के साधु अनशन करने को बाध्य होंगे। बैठक में राजेश्वर आश्रम, मुनेश्वरा आश्रम, विष्णु आश्रम, बाबूराम ब्रह्मचारी, सुखदेव आश्रम, शंकर दरबार के फलाहारी बाबा, पहाड़ी बाबा, रामेश्वर आश्रम, सुभाष आश्रम, देवा आश्रम, सेवा आश्रम, चेतन आश्रम, राजेश चैतन्य, महादेवा आश्रम, वीरेंद्र आश्रम, हरि चैतन्य, रामस्वरूप ब्रह्मचारी, कृष्णा आश्रम, हनुमान आश्रम और ब्रहम स्वरूप आदि मौजूद रहे।