फर्रुखाबाद। दहेज हत्या के मुकदमे में गवाही देने के लिए अदालत में तलब की र्गइं डा. सिम्मी अग्रवाल ने समन लेने से इनकार कर दिया। कोर्ट के आदेश की अनदेखी किए जाने पर अपर जिला जज प्रथम ने डाक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। 28 जनवरी को मुकदमे में तारीख नियत की गई है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला दीनदयाल बाग निवासी विनय त्रिपाठी की पत्नी कल्पना ने नौ फरवरी को फांसी लगाकर जान दे दी थी। मृतका के पिता रामप्रसाद पांडेय निवासी आवास विकास छिबरामऊ ने पति समेत अन्य ससुरालियोें के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी विनय त्रिपाठी जेल मेें निरुद्ध चल रहा है। रामप्रसाद पांडेय ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि मृतका के ससुरालीजनों ने बीमार होने पर कल्पना का उपचार नहीं कराया।
वहीं, आरोपी विनय ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसने 22 मार्च 2012 से 8 फरवरी 2013 तक डा. सिम्मी अग्रवाल के अस्पताल में उपचार कराया था। अपर जिला जज ने डा. सिम्मी अग्रवाल को समन जारी कर 19 फरवरी को अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। वह इस तारीख को अदालत मेें पेश नहीं हुई।
पुलिस ने समन न लेने की रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। कोर्ट के आदेश की अनदेखी किए जाने के मामले में अपर जिला जज प्रथम ने डा. सिम्मी अग्रवाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। 28 जनवरी को डाक्टर को अदालत में पेश करने का पुलिस को आदेश दिया है।