बारात में चढ़ावा व दहेज की मांग को लेकर हुई कहासुनी के बाद शादी में
विघ्न पड़ गया। दुल्हन के पिता की हालत खराब हो गई। दुल्हन ने शादी करने से
इंकार कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दूल्हा समेत तीन लोगों को हिरासत
में ले लिया। कई घंटे मशक्कत के बाद दोनों पक्षों में समझौता होने पर
तीनों को छोड़ दिया गया।
मोहल्ला नेकपुर कला निवासी अनिल गुप्ता ने
अपनी बेटी कविता की शादी शहर कोतवाली के मोहल्ला बूरावाली गली निवासी
राधाकृष्ण गुप्ता के साथ तय की थी। अनिल ने जनवासे व मंडप की व्यवस्था नगला
प्रीतम स्थित गेस्ट हाउस में की थी। शुक्रवार को राधाकृष्ण बारात लेकर
पहुंचे। दुल्हन पक्ष ने बारातियों का स्वागत किया। जयमाल के बाद दावत खाकर
बाराती विदा होने लगे।
रात करीब 3 बजे भांवराें की रस्म होनी थी। चढ़ावा
दुल्हन पक्ष को पसंद नहीं आया। इसको लेकर चखचख होने लगी। बात दूल्हे के
परिजनाें तक पहुंची तो उन्हाेंने अतिरिक्त दहेज की मांग कर दी। इससे वदोनों
ओर से विवाद होने लगा। कहासुनी बढ़ने पर पर दूल्हे के मामा वेदप्रकाश
गुप्ता ने हंगामा शुरू कर दिया। इससे लड़की के पिता अनिल की तबीयत खराब हो
गई। आनन फानन में अनिल को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके बाद
वधू पक्ष के लोगों ने वेदप्रकाश को पकड़ लिया। वेदप्रकाश ने इसकी सूचना
पुलिस को दी। कोतवाली की फोर्स मौके पर पहुंची। पिता की तबीयत खराब होने
के लिए दहेज की मांग को जिम्मेदार मानते हुए दुल्हन ने शादी से इंकार कर
दिया। इसके बाद पुलिस ने दूल्हा और उसके पिता राकेश गुप्ता और मामा
वेदप्रकाश गुप्ता को हिरासत में ले लिया। पुलिस इन्हें कोतवाली लेकर आई।
दुल्हन पक्ष की ओर से दहेज का आरोप लगा कर पुलिस को तहरीर दी गई। अनिल की
तबीयत में सुधार होने पर वह भी शनिवार की सुबह गेस्ट हाउस पहुंच गए। नाते
रिश्तेदरों ने आपसी पंचायत में समझौता करा दिया। पंचायत में दुल्हन पक्ष
को खर्च देना तय हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया और बारात
बैरंग लौट गई।