नगरपालिका के सभासदों ने शुक्रवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंचकर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एडीएम से वार्ता की। एडीएम ने नगर पालिका के विकास कार्यों की पत्रावली एक सप्ताह में पास कराने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही कमेटी पूर्व की भांति कार्य करती रहेगी।
नगरपालिका में शासनादेश का पालन किए बिना टेंडर निकाले जाने की शिकायत की अपर जिलाधिकारी ने जांच कराई। शिकायत सही पाई गई। इससे टेंडर निरस्त होना तय माना जा रहा है। इसी के बाद गत सप्ताह सभासदों ने जिलाधिकारी कार्यालय में एडीएम को तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा था।
इसमें पांच लाख से नीचे के कार्यों की पत्रावली कमेटी से पास होने के विरोध में प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप भी लगाया था। इसी क्रम में शुक्रवार को तय तिथि पर एडीएम के साथ सभासदों की तीन बिंदुओं पर वार्ता हुई।
एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि कमेटी के अधिकार पूर्ववत रहने के साथ एक सप्ताह में पत्रावली का निस्तारण किया जाएगा। राज्य वित्त, 14वें वित्त व अवस्थापना विकास निधि योजना के तहत लोक निर्माण विभाग द्वारा सत्यापन की समय सीमा व निगरानी समिति की सत्यापन अवधि भी एक सप्ताह निर्धारित कर दी गई।
सभासदों ने डाले गए टेंडरों पर निर्णय के संबंध में पूछा तो एडीएम ने 31 अक्तूबर तक जांच निस्तारित करने का भरोसा दिया। हालांकि पांच लाख से कम धनराशि वाले कार्यों को कमेटी द्वारा पास किए जाने पर सभासद संतुष्ट नहीं दिखे।
वार्ता के दौरान सभासद रफी अंसारी, सुरेंद्र कनौजिया, आफताब अंसारी, धर्मेंद्र कुमार, आशीष कुमार, संजय यादव, शाहयार खां मोबीन अंसारी आदि सभासद मौजूद रहे।