फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिप्टी सीएमओ के आदेश पर भी असगरपुर नहीं पहुंची स्वास्थ्य टीम

विज्ञापन
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य सेवाओं पर शासन से करोड़ों खर्च करने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। गांव असगरपुर में करीब एक दर्जन ग्रामीण चिकनपाक्स की चपेट में हैं। रविवार को अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का डिप्टी सीएमओ ने संज्ञान लेकर सीएचसी चिकित्सा प्रभारी को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद सुनवाई न होने पर उन्होंने सीएमओ को मामले की रिपोर्ट दी है।
विज्ञापन

शमसाबाद क्षेत्र के गांव असगरपुर में सफाई कर्मी के न जाने से फैली गंदगी के चलते बीमारी फैल रही है। पिछले दो सप्ताह से बुखार का प्रकोप फैला। करीब एक दर्जन मरीज चिकनपाक्स की चपेट में हैं। उन्हें तेज बुखार के साथ शरीर पर बड़े-बड़े दाने पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है मरीजों का निजी चिकित्सक व नर्सिंगहोम में उपचार करा रहे हैं। इस संबंध में अमर उजाला ने समाचार प्रकाशित किया। इसके बाद गांव में सफाई कर्मी तो पहुंचे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग से कोई झांकने तक नहीं गया। गांव के ही अजय पाल, महेश पाल, चंद्रपाल आदि ने बताया कि करीब एक दर्जन लोग चिकनपाक्स से पीड़ित हैं। डिप्टी सीएमओ डा.राजीव शाक्य ने बताया कि जानकारी मिलते ही उन्होंने सीएचसी चिकित्सा प्रभारी डा.धन सिंह शाक्य को जानकारी देकर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए थे। शाम तक डा.धन सिंह से इस संबंध में कोई जवाब नहीं मिला। शिविर न लगाए जाने के संबंध में उन्होंने सीएमओ को अवगत करा दिया। सीएचसी के चिकित्सा प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में झोलाछाप
पिछले दिनों नवाबगंज क्षेत्र के गांव सिरौली में झोलाछाप के इलाज से किसान की मौत हो गई। इस संबंध में किसान के बेटे ने झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिम्मेदारों के संरक्षण में चल रहे झोलाछाप के क्लीनिक व नर्सिंगहोम मोटी कमाई कर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। खुलेआम बोर्ड लगाकर यह गोरखधंधा चल रहा है।
विज्ञापन

डिप्टी सीएमओ डा.राजीव शाक्य ने बताया कि सिरौली में झोलाछाप के इलाज से मौत के संबंध में पीड़ित द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस उनसे रिपोर्ट मांगेगी तो वह लिखकर दे देंगे कि बिना चिकित्सीय प्रमाणपत्र के ही झोलाछाप इलाज कर रहा था। अन्य झोलाछाप के संबंध में लिखित सूचना मिलने पर कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। सीएमओ डा.चंद्रशेखर ने बताया कि झोलाछाप पर रोकथाम के लिए डा.राजीव शाक्य नोडल अधिकारी हैं। उन्हीं को कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें