फर्रुखाबाद। आरोग्य मेले में मरीजों को दवा की जगह आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है। बिना डॉक्टर और दवा के ही मरीजों को आरोग्य किया जा रहा है। ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों में गोदभराई व अन्नप्राशन तक ही मेला सीमित रहा। कुछ जगहों पर आयुष चिकित्सक आयुर्वेदिक दवाओं के न होने पर एलोपैथिक दवाएं लिखते मिले।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आरोग्य मेलों के जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ देने की शासन की मंशा है, लेकिन अधिकारियों ने इसे मजाक बना रखा है। प्रत्येक रविवार को शहर के चार व ग्रामीण क्षेत्रों की 28 पीएचसी पर लगने वाले आरोग्य मेलों में एमबीबीएस डॉक्टर ड्यूटी लगने के बावजूद जाते ही नहीं हैं।
इसके बावजूद कोई कार्रवाई भी नहीं होती। इससे अन्य योजनाओं का लाभ तो दूर की बात इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे होता है। कई पीएचसी पर तो गोदभराई और अन्न प्राशन कराकर मेले की रस्म भर अदा कर दी जाती है।
बिना डॉक्टर के चल रहीं पीएचसी
केस 1- नगरीय पीएचसी भोलेपुर में किसी डॉक्टर की तैनाती ही नहीं है। आरोग्य मेले में ड्यूटी के बावजूद डॉ. संध्या वर्मा नहीं आईं। दोपहर एक बजे तक कुल सात मरीज आए। फार्मासिस्ट अखिलेश, स्टाफ नर्स प्रतिभा सिंह ने मरीज देखे। एलटी विनय कुमार जांच करते रहे। डीएम के निरीक्षण की भनक लगते ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंच गईं। गर्भवती की सीडीपीओ पुष्पा सेन ने गोदभराई की। वहीं, स्टाफ नर्स प्रतिभा सिंह ने खीर खिलाकर बच्ची का अन्नप्राशन किया।
केस 2- शहर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौलक्खा भी बिना डॉक्टर के फार्मासिस्ट भगवान सिंह ही चला रहे हैं। आरोग्य मेले में डॉ. मधु अग्रवाल आती नहीं। आयुष के डॉ. नवनीत गुप्ता ने आरोग्य मेले में आए कुल 11 मरीज देखे और उन्हें एलोपैथिक दवाएं लिखीं। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में जब आयुर्वेदिक दवाएं ही नहीं हैं तो एलोपैथिक दवाएं देना मजबूरी है। एलटी की तैनाती न होने से यहां मरीजों की जांच भी नहीं हो पाती है।
बिना दवा के लौटे खुजली के मरीज
मोहम्मदाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खिमसेपुर में कुुल 30 मरीज पहुंचे। इनमें 16 मरीज खुजली से पीड़ित थे। अस्पताल में खुजली की दवाएं न होने से मरीज बिना दवा के ही लौट गए। अन्य मरीजों को डॉ. सौरभ कटियार ने देखा। डॉ. विधात्री मिश्रा ड्यूटी करने नहीं आती हैं। पीएचसी धीरपुर में मरीजों की भीड़ रही। डॉ. राधाकृष्ण ने 90 मरीज देखे। सर्वाधिक मरीज पेट संबंधी बीमारी व डिहाइड्रेशन के थे। उन्हें दवाए दी गईं। एलटी ने जरूरत के अनुसार जांच की।
एसीएमओ बोले, डॉक्टरों की है कमी
एसीएमओ डॉ. दलवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिठौली व सबलपुर का निरीक्षण किया। मरीज काफी कम पहुंचे। डॉक्टरों की कमी के चलते कई पीएचसी पर फार्मासिस्टों ने मरीज देखे। ड्यूटी पर न पहुंचने वाले डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।