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आठ दिन से लोहिया अस्पताल में दवाएं नहीं

Sat, 26 Aug 2017 12:06 AM IST
farrukhabad
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लोहिया अस्पताल में दवा के ‌ल‌िए लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में पिछले आठ दिन से दवाएं नहीं हैं। रोगियों की बढ़ती संख्या के चलते सीएमएस अन्य सरकारी अस्पतालों से जरूरी दवाइयां लोन लेकर काम चला रहे हैं। एस्प्रिन की गोलियां भी अस्पताल में नहीं है। सीएमएस का कहना है कि जिन कंपनियों से दवाएं खरीदी जाती थीं, वे आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। मजबूरी में डॉक्टर बाजार की दवाएं मरीजों को लिख रहे हैं।
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लोहिया अस्पताल के डॉक्टर मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि एस्प्रिन की गोली भी अस्पताल में मौजूद नहीं है। अन्य दवाओं का भी टोटा है। लोहिया अस्पताल के औषधि भंडार के प्रभारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि अस्पताल में पैरासिटामॉल, सिट्रीजीन, डीएनएस की बोतलें, एल्वांडाजॉल और एंटीरैबीज इंजेक्शन समेत कई दवाएं खत्म हो चुकी हैं।

उनका कहना है कि लोहिया अस्पताल की महिला यूनिट से 200 बोतल डीएनएस लोन लेकर काम चलाया गया। 20 हजार एल्वांडाजॉल टेबलेट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिंजीगंज से लोन ली गईं। एंटीबायटिक की 20 हजार गोलियां और सिप्रोफ्लोक्सेक्सिन एंटीबॉयटिक की 25 हजार गोलियां केंद्रीय औषधि भंडार से लोन ली गईं। पैरासिटामॉल की पांच हजार गोलियां महिला यूनिट से, एंटी रैबीज इंजेक्शन के 150 वॉयल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरौन से लोन पर लिए गए। केंद्रीय औषधि भंडार से तीन बार में एंटी रैबीज इंजेक्शन के 350 वॉयल पहले ही लोन पर लिए जा चुके हैं।
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इस तरह से अन्य दवाएं भी लोन पर  लेकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है। एस्प्रिन की गोलियां जिले में कहीं मौजूद नहीं हैं।
स्टोर इंचार्ज डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि दवाओं की की खेप न मिलने पर करीब पांच लाख रुपये की दवाएं एलपी कराकर रोगियों को बांटी जा चुकी हैं। दवा कंपनियां बार-बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी आपूर्ति नहीं दे रही हैं, जिससे समस्या हो रही है। वहीं अस्पताल में शुक्रवार को बुखार की दवा लेने पहुंचे मोहल्ला अंडियाना के रहने वाले भैयालाल ने बताया कि उन्हें डॉक्टर ने बाजार से दवा लिखी है। अद्दूपुर के रहने वाले आदित्य कुमार ने बताया कि वह अपने पिता राजकुमार को दवा दिलाने आया था। फिजीशियन कक्ष में इतनी भीड़ थी कि डॉक्टर बिना रोगियों को देखे दवा लिख रहे थे। अमेठी के रहने वाले रिजवान का कहना है कि डॉक्टर बाजार की दवाएं लिख रहे हैं।

बोले जिम्मेदार
एक महीने से दवा कंपनियों को आर्डर भेजे गए हैं लेकिन दवाओं की आपूर्ति नहीं की गई हैं। इस संबंध में यहां आए प्रमुख सचिव को भी विस्तार से जानकारी दी गई है। उन्होंने दूसरी कंपनियों को आर्डर भेजने की बात कही। वहां भी आर्डर भेज दिए गए हैं। किसी तरह से लोन लेकर काम चलाया जा रहा है। दवा कंपनियां आपूर्ति करने में पूरी तरह से अक्षम साबित हो रही हैं।
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डॉ. बीबी पुष्कर (मुख्य चिकित्साधीक्षक)
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