फर्रुखाबाद। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने के साथ अब शिकायतों पर भी ध्यान न देकर फर्जी निस्तारण किया जा रहा है। इस मामले में जिलाधिकारी ने सीएमओ से नाराजगी जताते हुए जवाब मांगा।
इस पर सीएमओ ने स्पष्टीकरण तलब किया तो एसीएमओ बोले कि उन्हें जांच ही नहीं मिली। फतेहगढ़ के मोहल्ला तलैयालेन निवासी दिलीप कुमार अवस्थी ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी कि दास नर्सिंगहोम के मरीजों का मल-मूत्र सार्वजनिक नाली में बहाया जा रहा है। इससे गंभीर बीमारी व संक्रमण फैलने का खतरा है। गंदगी से उनका परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है।
इस पर जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने शिकायत के संबंध में सीएमओ को पत्र जारी कर नाराजगी जताई। चार सितंबर को मंडलायुक्त कार्यालय से लंबित शिकायत व्हाट्स एप पर भेजकर दो दिन में आख्या मांगी गई। उसी दिन स्टेनो सत्यवीर के व्हाट्सएप पर शिकायत भेजकर दो दिन में आख्या भेजने के निर्देश दिए गए। नौ सितंबर तक कोई जवाब नहीं मिला। पूछने पर स्टेनो सत्यवीर ने कहा कि एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम आख्या उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला।
इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि शिकायतों के निस्तारण में रुचि नहीं ली जा रही है। यह शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता व घोर लापरवाही है। शिकायत का समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न करने के मामले में एसीएमओ से स्पष्टीकरण व जांच आख्या उपलब्ध कराने के आदेश दिए। इस सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम को चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
वहीं एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम का कहना है कि उन्हें न तो स्टेनो ने शिकायत उपलब्ध कराई और न ही उन्हें जांच के लिए कोई आदेश दिया गया।