‘उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा
हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, ना ही शरीर हो,
तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो। ब्रह्मांड की सारी
शक्तियां हमारी हैं। वो हम हैं जो आंख पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं
कि कितना अंधकार है। अगर आप किसी की मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं तो जरूर
बढ़ाएं।’
ये अनमोल विचार हैं स्वामी विवेकानंद के जिनकी आज 150वीं जयंती हम
मना रहे हैं। विवेकानंद ने अल्पायु में ही विश्व को अपनी प्रतिभा का लोहा
मनवाया। उनकी जयंती पर सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि देश का युवा वर्ग
उनके आदर्शों और संदेशों को जीवन में उतारे।
स्वामी विवेकानंद के
नक्शेकदम पर जिले के कई युवा मानव सेवा, युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में
लगाने, सार्थक बदलावों की आकांक्षाआें को पूरा करने में जुटे हैं। इनकी
ख्वाहिश आसमां को जमीन पर उतारने की है। यह कि कभी कोई दु:ख परेशानी में न
रहे, दुखियों के चेहरे पर मुस्कान आती रही। ऐसी ही मुस्कानाें को लाने की
पहल करने वाले युवा हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण और औषधीय खेती , जैविक खाद
के लिए लोगाें को जागरूक कर रहा है तो कोई गरीब बच्चों को पढ़ाई खिलाई में
मदद करने में लगा है। इन्हें कपडे़ व भोजन मुहैया कराने की पहल हो रही है।
बाबा का सपना अपनाया
राजेपुर
इलाके के गंाव तुसौर में 7 साल पहले वीरपाल सिंह ने औषध्ीाय खेती का सपना
देखा था। उन्हाेंने इसकी शुरुआत भी की। चार बीघा खेत में औषधीय, फूलदार व
फलदार पौधे रोपे। बाद में इनके बेटे महेश कु मार सिंह ने यह काम अपने
जिम्मे ले लिया। अब तीसरी पीढ़ी के युवा आशुतोष कुमार बाबा के सपने को
रोशन करने में जुटे हैं। बॉयलाजी से स्नातक
आशुतोष औषधीय पौधाें का कुनबा
बढ़ा रहे हैं। वह गांव के लोगों को औषध्ीाय पौधों के गुण बताने के साथ ही
उन्हें इनकी खेती के लिए भी प्रेरित करते हैं। गांव में इनका फूल बाग अजूबा
है। यहां काली तुलसी, सफेद तुलसी, आंवला, बेल, नीबू, संतरा, केला,
रातरानी, गुलाब, गेंदा, आक, जूही, गूजर आदि के पेड़ हैं। यहां आशुतोष जैविक
खाद भी बनाते हैं।
सहयोग ग्रुप का सबके लिए सहयोग
शहर
के युवा सहयोग ग्रुप चला रहे हैं। यह कोई एनजीओ नहीं, बल्कि चार-पांच
लोगाें का ग्रुप है। इसे मनोज चतुर्वेदी चला रहे हैं। ग्रुप में अतुल पाठक ,
आकाश दीप मिश्रा, धीरेंद्र वर्मा, सुनील शामिल हैं। ग्र्रुप के सदस्य
जरूरतमंदाें को पहले चिन्हित करते हैं। इसके बाद इन्हें कपड़े, जूते चप्पल,
भोजन व आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। यह ग्रुप अब तक 125 लोगाें की
मदद कर चुका है। यह अपने पैसे से यह मदद मुहैया कराते हैं।
यह जज्बा कमाल का है
भोलेपुर
के बेवर रोड पर रहने वाली रानी कटियार दोनों पैरों से विकलांग हैं। इन्हें
किसी की मदद की जरूरत नहीं है। यह खुद दूसराें की मदद के लिए तत्पर रहती
हैं। 1998 में कानपुर के बीएसएसडी कालेज से इतिहास विषय से इन्हाेंने एमए
किया है।
रानी सिविल सर्विस के लिए तैयारी कर रही हैं। अंग्रेजी विषय की
यह कोचिंग पढ़ा रही हैं। यह गरीब छात्र छात्राआें को नि:शुल्क कोचिंग
पढ़ाती हैं। हर बैच में दो चार जरूरतमंदाें की फीस माफ कर देती हैं। गरीब
विद्यार्थियाें क ी मदद के लिए यह किताबें भी मांग कर इकट्ठा करती हैं। वह
इन्हें गरीब छात्र छात्राआें को मुफ्त में मुहैया करा देती हैं।
स्वामी
विवेेकानंद युवा जाग्रति मंच की बैठक रविवार को शहर में हुई। यहां
विवेकानंद के 152 वें जन्म दिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने
का फैसला लिया गया। छात्र संघ अध्यक्ष अमित पाठक ने कहा कि सोमवार को
स्वामी विवेकानंद जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाएगी। यह
आयोजन सुबह 11.30 बजे भारतीय महाविद्यालय में होगा।
कहा कि विवेकानंद को
पूरे विश्व ने अपना आदर्श माना था। उनके विचार आज भी सभी को प्रेरित करते
हैं। यहां गीतम राजपूत, आमोद श्रीवास्तव, अंकित पाठक, सोहनलाल दिवाकर,
अमरमणि द्विवेदी, मनोज कुमार कश्यप, ललित सिंह चौहान, लव सिंह आदि मौूजद
रहे।