फर्रुखाबाद। जिला जेल के बंदियों का भी अब अपना रेडियो स्टेशन होगा। इसमें खुद ही कार्यक्रम प्रस्तुत कर फरमाइशी गाने भी सुनेंगे। जिला जेल में स्टूडियो के लिए एक कक्ष चयनित करने के साथ सभी बैरकों को साउंड से जोड़ दिया गया है। वहीं कार्यक्रम प्रसारण के लिए 10 बंदी भी चयनित किए गए हैं। इन्हें आगरा की टीम प्रशिक्षण देगी। दो अक्टूबर तक जेल रेडियो शुरू होने की उम्मीद है।
रेडियो जॉकी की तरह बंदी अपने साथियों के फरमाइशी गीत प्रस्तुत करेंगे। रेडियो स्टेशन से जेल समाचारों में दिन भर के क्रियाकलापों, मुख्य घटनाएं एवं प्रेरक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। ये व्यवस्था सेंट्रल जेल में पहले से लागू है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप रघुनंदन जिला कारागार के बंदियों से मिले और उनमें स्वस्थ मनोरंजन, मानसिक परिवर्तन व जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। कारागार अधीक्षक विजय विक्रम सिंह से वार्ता के बाद जेल में स्टूडियो के लिए कक्ष का चयन किया। सभी बैरकों को साउंड से जोड़ दिया गया है।
बैरक के सभी बंदी कार्यक्रम का आनंद लेंगे। प्रदीप रघुनंदन ने बताया कि रेडियो जॉकी के लिए 10 बंदियों का चयन किया गया है। इनमें से कुछ विचाराधीन व कुछ सिद्धदोष बंदी हैं। हर बैरक से फरमाइशों को एकत्र कर दोपहर बाद तीन से चार बजे तक प्रसारण होगा। जेल रेडियो कार्यक्रम के लिए प्रदीप रघुनंदन को राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत भी किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिला जेल में दो अक्टूबर तक प्रसारण शुरू करने का प्रयास है। जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि चयनित बंदियों को प्रशिक्षण देने के लिए आगरा से टीम आएगी।