अमृतपुर। गंगा का जलस्तर कम होने से गांव तीसराम की मडै़या में कटान तेज हो गया है। नरवीर का स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत बना शौचालय गंगा की तेज धारा में समा गया है। एक दर्जन ग्रामीणों के मकानोें पर कटान से खतरा मंडरा रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है।
गंगा की तेज धारा तीसराम की मडै़या में तेजी से कटान करने लगी है। कटान के डर से वीरेंद्र, अलवर और नरवीर ने अपना एक कमरा पहले ही तोड़ लिया था। अब कटान तेज होने से इनके पूरे घर पर खतरा मंडराने लगा है। मान सिंह, मिहीलाल, रामऔतार, सूरज पाल, विनोद, देशराज समेत अन्य ग्रामीणों के मकान भी कटान की जद में आ गए हैं। इन ग्रामीणों को रात के समय कटान से होने से मकान गिरने का भय सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा में आई बाढ़ के कारण गांव आने वाली सड़क पर पानी भर गया था। नाव से आवागमन होता रहा। पानी कम होने से जब सड़क से पानी हटा तो सड़क कई जगह से कट गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से तहसील मुख्यालय की सड़क कई जगह कटने से कभी भी हादसा हो सकता है। इस कारण गांव के लोग तहसील मुख्यालय जाने से घबरा रहे है। उनको रहने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक कोई जगह नहीं दी गई है। जो शरणालय बनाया गया है, वहां पशुओं को रखने की कोई जगह नहीं है। उधर रामगंगा का जलस्तर कम होने से गांव अलादपुर भटौली में कटान धीमा हो गया है।
रोक के बाद भी निकाल रहे बाइक
अमृतपुर। तीसराम की मड़ैया गांव जाने को पीडब्लूडी विभाग ने बल्लियों का पुल बनाया था। इस पर बाइक लेकर गुजरने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद ग्रामीण जान जोखित में डालकर पुल से बाइक लेकर गुजर रहे हैं।
गंगा का जलस्तर ठहरा, रामगंगा घटी
फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर 136.15 मीटर पर ठहर गया है। नरौरा से बुधवार को गंगा में 90831 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं रामगंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कर्मी हुई है। इस कारण जलस्तर 134.65 से कम होकर 134.50 मीटर पर आ गया है। खो हरेली रामनगर से रामगंगा में 13075 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
तीसराम मडै़या के लोगों के लिए जो जगह देखी थी, वहां पर गांव के लोग जाने को तैयार नहीं है। अब दूसरे स्थान पर जगह देखी जा रही है। गुरुवार से बाढ़ प्रभावित गांवों में खाद्य सामग्री बांटी जाएगी।
वसंत कुमार, एसडीएम अमृतपुर।