फोटो-06, कायमगंज सीएचसी के महिला वार्ड में भर्ती प्रसूता। संवाद
कायमगंज। सीएचसी में प्रसव के बाद महिलाओं को अस्पताल में रखने के नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। जच्चा-बच्चा को 48 घंटे तक चिकित्सीय निगरानी में रखने के बजाय 25 में से 22 महिलाओं को प्रसव के दो-तीन घंटे बाद ही छुट्टी दे दी गई।
मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रसव के बाद नियमित जांच, भोजन और आवश्यक देखभाल की व्यवस्था की जानी चाहिए। शनिवार सुबह नौ बजे से रविवार सुबह तक सीएचसी में 25 महिलाएं प्रसव के लिए भर्ती हुईं। सभी का सुरक्षित प्रसव हुआ। रविवार दोपहर 12 बजे तक इनमें 22 महिलाओं को छुट्टी दी जा चुकी थी। वार्ड में तीन प्रसूताएं भर्ती मिलीं।
मोहल्ला बगिया निवासी राखी ने बताया कि वह शनिवार रात आठ बजे भर्ती हुई थीं। रविवार सुबह 9:57 बजे उनका प्रसव हुआ। उन्हें नाश्ते में बिस्किट-चाय और भोजन में दाल, सोयाबीन की सब्जी व चार रोटियां मिलीं।
अचरा खलवारा निवासी सुनीता रविवार सुबह 10 बजे भर्ती हुईं और कुछ ही देर बाद उनका प्रसव हो गया। उन्हें चार रोटी, सब्जी और दाल दी गई। कटरी क्षेत्र के गांव बुहार नगला निवासी सरस्वती सुबह नौ बजे भर्ती हुईं और 11 बजे उनका प्रसव हुआ। उन्हें रोटी, दाल और सब्जी दी गई।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि प्रसव के लिए आने वाली सभी महिलाओं को 48 घंटे तक अस्पताल में रहने की सलाह दी जाती है। जच्चा-बच्चा को होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी भी दी जाती है। कुछ प्रसूताएं खुद अस्पताल में रुकने से इन्कार कर घर चली जाती हैं।