फर्रुखाबाद। रविवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश मंगलवार सुबह नौ बजे बंद हो गई। इसके बाद भी दोपहर एक बजे तक आवास विकास और देर शाम तक विकासनगर बढ़पुर में लोगों को जलभराव से मुक्ति नहीं मिली। मुख्य मार्ग पर डेढ़ फीट तक भरे गंदे पानी से होकर लोगों को निकलना पड़ा।
मोहल्ला बढ़पुर स्थित तालाब के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। कई साल से 100 मकानों वाले विकासनगर में पानी भर रहा था। पालिका ने इस साल कई गलियां ऊंची करवा दीं, इससे जलभराव से राहत मिली, मगर मुख्यमार्ग से अंडरपास की सड़क पर मंगलवार सुबह नौ बजे तक हुई रिमझिम बारिश में ही जलभराव हो गया। डेढ़-डेढ़ फीट पानी भर जाने से वहां से निकलना मुश्किल हो गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और महिलाओं को हो रही है। यही नहीं आवास विकास में विधायक सुशील शाक्य के मकान के पीछे की गली में दोपहर एक बजे तक जलभराव रहा।
... तो जल निकासी में आती तेजी
बढ़पुर तालाब का पानी अनोखेलाल की दुकान के किनारे से सड़क के दूसरी तरफ बने नाले से होकर आवास विकास तिराहा, विधायक सुशील शाक्य के मकान के नीचे से होकर बने नाले से निकलता है। लेकिन तिराहे पर ही एक होटल के बाहर चंद महीने पहले बने नाले में बड़े पेड़ लगे हैं। इसीलिए तिराहे से लेकर बढ़पुर प्राइमरी स्कूल तक नाली में जलभराव हो जाता है।
फर्रुखाबाद। नगर पालिका ने जिन 16 नालों की सूची जारी की उसमें नौलक्खा से ढुइया पुलिया होकर चिलसरा रोड पुरानी चुंगी जाने वाले बड़े नाले का उल्लेख नहीं है। नौलक्खा में करीब 200 मीटर हिस्से में नाले से सटकर मकान बने हैं। इसके आगे किनारे के रास्ते और खेतों में होकर आसानी से सफाई हो सकती थी, मगर नहीं कराई गई। इसकी जलनिकासी बंद होने से पक्कापुल, गुदड़ी, नौलक्खा, कांशीराम कालोनी होकर जाने वाले नाले पर जल निकासी का दबाव बढ़ता है। इसीलिए भूमिगत नाले के बहाव रुकने से कूड़ा अवरुद्ध हो जाता है।
शहर के पलरिया से शुरू हुआ भूमिगत नाला सिम्तसुमाल, पक्कापुल, पुलपुख्ता होकर गुदड़ी में खुले नाले में गिरता है। इसी स्थान पर दूसरा नाला मछरट्टा से आने वाला भूमिगत नाला भी मिलता है। यह नाला नौलक्खा होकर कांशीराम कालोनी, हैवतपुर गढ़िया होकर आमिलपुर की ओर जाता है। दो नालों के पानी का दबाव कम करने के लिए नौलक्खा से गुदड़ी होकर चिलसरा रोड पुरानी चुंगी होकर नाला जाता है। इस नाले के करीब 900 मीटर हिस्से को कई सालों से साफ नहीं किया गया। नाले में भरी सिल्ट से तेज बारिश के दौरान भी पानी का बहाव पूरी तरह बंद रहता है। यही वजह है कि नौलक्खा से कांशीराम कालोनी जाने वाले नाले में पानी का दबाव बढ़ जाता है। लिहाजा भूमिगत नालों के पानी का बहाव भी अवरुद्ध होने से कचरा फंसकर नालों को चोक कर देता है।
नालों की तलीझाड़ सफाई का विशेष अभियान, पर्यवेक्षण अफसर नियुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। नाला सफाई में अभी तक हुई खानापूरी में डीएम डॉ. अंकुर लाठर अब पर्यवेक्षण अफसरों की नियुक्ति कर सभी 16 नालों की तलीझाड़ सफाई कराने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारी रोजाना शाम पांच बजे निरीक्षण आख्या देंगे। अब किसी भी नाले-नालियों के बाहर सड़क पर सिल्ट नहीं रहेगी। सीधे वाहन में भरकर निस्तारण किया जाएगा।
डीएम ने पक्कापुल से गुदड़ी, तलैया फजल इमाम से आई एंड डी प्लांट, रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद से गांव रम्पुरा ताल, मुख्य मार्ग बीबीगंज से करबला तक के नालों के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को पर्यवेक्षण अधिकारी, भीष्म सिंह साहनी जेई को पर्यवेक्षणकर्ता तथा नीरज, दीपक रंजन, विजय, अयूब को सफाई नायक नामित किया। पक्का गल्ला मंडी से पक्का पुल, आईटीआई से लालगेट, घेरशामू खां से देवराम गुमटी तथा रकाबगंज से आमिलपुर तक जिला समाज कल्याण अधिकारी को पर्यवेक्षण अधिकारी, जेई देवव्रत यादव पर्यवेक्षणकर्ता तथा संतराम, दीपक रंजन, सुनील, अयूब सफाई नायक नामित किए गए।
आवास विकास से मसेनी, भोलेपुर से नगला नैन, हाथीखाना से पुलमंडी तथा जाफरी फतेहगढ़ से पुलमंडी तक जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को नोडल, जेई प्रमोद कुमार पर्यवेक्षणकर्ता तथा नीरज, दीपक, राजेश, विजय, हरिशंकर को सफाई नायक नामित किया। महबूबबख्श से बरगदिया घाट, रोडवेज कार्यशाला फतेहगढ़ से बरगदिया घाट, भूसा मंडी से पुलमंडी, पीडी महिला डिग्री कॉलेज से सिविल लाइन गंगा तक जिला गन्ना अधिकारी पर्यवेक्षक, आदित्य पांडेय सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पर्यवेक्षणकर्ता तथा तालिब, हरिशंकर को सफाई नायक नामित किया। बारिश के दिनों में रोजाना निरीक्षण करना होगा। बारिश के समय दोबारा अवरोध होने पर टीमें तत्काल सफाई करेंगी।