फर्रुखाबाद। बारिश और सर्द हवाएं चलने से भले ही शहरियों को गर्मी से राहत मिली हो लेकिन किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। उन्हें आलू और धान की फसल खराब होने का डर सताने लगा है। किसान खेतों में कटी पड़ी धान की फसल उठाने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े। किसानों का कहना था कि पहले बेमौसम हुई बरसात से गेहूं की फसल बर्बाद हुई। अगर बेमौसम बरसात हुई तो धान की फसल भी बर्बाद हो जाएगी।
मौसम ठीक न हुआ तो फसल होगी बर्बाद
शमसाबाद। गांव रमापुर के रहने वाले रघुनंदन ने बताया कि खेत पर फसल कटी पड़ी है। बेमौसम बरसात ने गेहूं की फसल तो बर्बाद कर दी थी। अगर फिर से मौसम ने दगा दिया तो धान की फसल भी बर्बाद हो जाएगी। अलेपुर के उमेशचंद्र का कहना है कि बरसात से उनकी खेत में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई है। अगर तेज पानी बरस गया या फिर धूप नहीं निकली तो उनकी धान की फसल खराब हो सकती है। यहीं के रहने वाले राजीव कुमार का कहना है कि अगर मौसम ठीक न हुआ तो आलू की फसल सड़ जाएगी।
तेज बारिश हुई तो धान और आलू की फसल सड़ जाएगी
मोहम्मदाबाद। गांव हैदरपुर निवासी जयपाल सिंह का कहना है कि रिमझिम बरसात से फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। तेज बरसात हुई तो आलू और धान की फसल को नुकसान हो सकता है। डूंगरपुर निवासी फलेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि तेज बरसात से फसल को नुकसान होगा लेकिन जुताई में फायदा मिलेगा। रठौरा बाग के अरिदमन सिंह राठौर कहते हैं कि थोड़ी बूंदाबांदी से कोई नुकसान नहीं होगा। अभी किसी फसल को भी नुकसान नहीं है।
कटी पड़ी धान की फसल भीगी
राजेपुर। गांव तुषौर निवासी रामकुमार का कहना है कि बरसात से खेत में कटी पड़ी फसल भीग गई। अगर धूप में इसे सुखाया न गया तो फसल बर्बाद हो सकती है। भुसेरा के रामकिशन कहते हैं कि मौसम ने अगर दगा दिया तो धान की फसल भी बर्बाद हो जाएगी। उनकी खेत में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई है।
बरसात से गलियों में कीचड़ के हालात
फर्रुखाबाद। सुबह चलीं सर्द हवाओं और रिमझिम बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। मौसम का मिजाज बदलते ही ठंड ने दस्तक भी दे दी है। वहीं रिमझिम बरसात और हवाएं चलने से किसान चिंतित हो गए। बुधवार सुबह अचानक आसमान में बादल छा गए। सर्द हवाओं के चलने से रिमझिम बरसात भी शुरू हो गई। इसके चलते मौसम में ठंडक आ गई। लोगों ने तो गर्म कपड़े निकाल लिए। रिमझिम बरसात होने से शहर के मोहल्ला अंगूरीबाग, गुदड़ी, घोड़ा नखास, नक्कारचियान, बाग लकूला, दिल्ली ख्याली कूंचा, बजरिया जाफर खां, बजरिया हरलाल और सूफी खां समेत अधिकतर मोहल्लों में कीचड़ हो गया। सुबह से लेकर देर शाम तक आसमान में बादल छाए रहने से ठंडक बरकरार रही। दिन में पड़ने वाली गर्मी से लोगों को राहत मिली।