ढाईघाट स्थित मुख्य धार पर बना पीपा का पुल बुधवार को टूट गया। इसके चलते
आवागमन ठप हो गया। पुल टूटने पर साधुसंतों में रोष था। उन्होंने जिला
प्रशासन पर खीझ निकालते हुए कहा कि पहले ही पुल की बोरियां धंसने पर मांग
की थी कि इसे ठीक करवा दिया जाए लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
ढाईघाट
स्थित मुख्य धार पर बना पीपा पुल के उत्तरी ओर लगी बालू की बोरियां 19
जनवरी को धंस गई थीं। इसके चलते पुल के पटरे तिरछे हो गए। साधु-संतों ने
पुल को ठीक करवाने की मांग जिला प्रशासन से की थी। लेकिन इसके बावजूद कोई
ध्यान नहीं दिया गया। बुधवार तड़के पानी बढ़ने से पुल बीच से टूट गया।
गनीमत रही कि पुल टूटने के समय कोई इससे गुजर नहीं रहा था नहीं तो बड़ा
हादसा हो सकता था। पुल टूटने से आवागमन ठप हो गया। ढाईघाट पर लगे माघ मेला
में कल्पवास करने आए साधु-संतों में पुल टूटने को लेकर रोष है। महंत विजय
गिरि, शंभू गिरि, भगवान गिरि और प्रकाश गिरि का कहना है कि पुल को ठीक
करवाए जाने की मांग की गई थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा
कि प्रभु की कृपा थी कि पुल जिस समय टूटा उस समय कोई पुल से निकल नहीं रहा
था। साधु-संतों का कहना था कि ढाईघाट पर कल्पवासियों की सुविधा का कोई
ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अफसर भी नहीं सुन रहे हैं।