कमालगंज। श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के सातवें दिन भक्ति वाणी का रसपान करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुदामा चरित्र, जरासंध वध, रानियों का उद्धार जैसे दिव्य प्रसंगों का सरस एवं भावपूर्ण वर्णन सुन भक्त विभोर हो गए। कथा में धैर्य भाव से कठिनाइयों का सामना करने की सीख दी गई।
रजीपुर स्थित कथा मंडप में कथा व्यास पीठाधीश्वर वृंदावन धाम के श्रीहित दिव्यकृष्ण शास्त्री ने कहा कि संस्कार मनुष्य को महानता की ओर ले जाते हैं। अच्छे कर्म से मोक्ष संभव है। सत्कर्म ईश्वरीय व सामाजिक दायित्व है। सत्कर्म का फल प्रभु पर छोड़ दो। सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता, समानता की सीख और कठिनाइयों का धैर्य से सामना करने के लिए प्रेरित करता है। कथा के दौरान संगीत स्वरों के साथ भजनों की सुर सरिता में लोग दोनों हाथ उठाकर भक्तिभाव में आकंठ डूब गए।
कथा मंडप व्यवस्था में शुभम, आलोक शुक्ला, डॉ. आदित्य, बृजेश पांडेय, दुर्गेश, विवेक, दर्शित, सारांश, विमल तिवारी आदि भी रहे। छविनाथ शुक्ला, शिवनाथ, मीना व सुधा शुक्ला ने आरती की।
शोभायात्रा व प्राण प्रतिष्ठा के बाद हवन, जले दीये
कमालगंज। कस्बे के शास्त्रीनगर द्वितीय में शुक्रवार को गौरीशंकर मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन धूमधाम से किया गया। शोभायात्रा के बाद देव प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा हुई। हवन के बाद शाम को मोहल्ले में दीये जलाए गए। तपस्वी वाले बाग से शोभायात्रा आरंभ हुई। गले में पटका डाले गौरीशंकर के भक्त अबीर-गुलाल उड़ाते रवाना हुए। भक्ति गीतों पर श्रद्धालु जमकर झूम रहे थे। बड़े हनुमान मंदिर से यात्रा गौरीशंकर मंदिर पहुंची। जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गौरीशंकर, राधा-कृष्ण, राम दरबार, शनिदेव महाराज की मूर्ति स्थापित की गई। इसके बाद आचार्य राकेश शुक्ला ने हवन कराया। यदुनाथ सिंह सोमवंशी, अवधेश राना, सुषमा रानी, नीलम, सत्यप्रकाश रावत, महेश श्रीवास्तव, बबलू, त्रिवेंद्रम, आकाश, राहुल आदि रहे। शाम को मोहल्ले में घरों के बाहर दीये जलाकर भगवान की अगवानी की गई।