फर्रुखाबाद। सैन्य जीवन चुनौतियों और देशभक्ति का जीवन है। इसके लिए अनुशासन और प्रशिक्षण के मानकों को हमेशा उम्दा रखना होगा। रेजीमेंट की सजीली वर्दी हमारा आत्म सम्मान है। युद्ध की रूपरेखा और तौर-तरीके समय के साथ बदल रहे हैं। लेकिन एक चीज कभी नहीं बदलेगी। वह है हमारा दृढ़ संकल्प। दृढ़ संकल्प से युद्ध में हमेशा जीत मिलती है। ये बातें ब्रिगेडियर मनीष जैन ने पासिंग आउट परेड में शामिल अग्निवीरों को संबाेधित करते हुए कहीं।
31 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद बुधवार को सिखलाईट रेजीमेंट सेंटर के चटर्जी परेड मैदान पर पासिंग आउट परेड हुई। 660 अग्निवीरों ने राष्ट्र रक्षा की शपथ ली। बदन पर हरी वर्दी, सिर पर केसरिया पगड़ी पहने अग्निवीर जब मैदान में दाखिल हुए तो दर्शक दीर्घा में बैठे परिजनों और जवानों ने तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। आठ टोलियों में बंटे इन अग्निवीरों की परेड का ब्रिगेडियर ने निरीक्षण किया।
सलामी मंच के सामने से गुजरे जवानों का अनुशासन लयबद्ध उठते हाथ और पैर उत्कृष्ट ट्रेनिंग की गवाही दे रहे थे। ब्रिगेडियर ने अग्निवीरों को संबोधित करते हुए कहा, पासिंग आउट परेड का दर्जा बेमिसाल है। इस महान राष्ट्र की संप्रभुता, अखंडता और सम्मान की रक्षा, हर शत्रु के विरुद्ध हर समय और हर परिस्थिति में निर्णायक विजय की आपसे अपेक्षा है। आपका मार्ग बिलकुल सीधा है। जब तक सांस है, तब तक संघर्ष है।
जब तक दुश्मन पर विजय नहीं मिलती, तब तक आगे बढ़ते रहना है। हमारी रेजीमेंट ने देश के लिए बेमिसाल बहादुरी का प्रदर्शन किया है। सख्त और कठिन प्रशिक्षण हर स्थान पर काम आएगा। खालसा पंत के संत सिपाही बने। लगातार प्रशिक्षण लेते रहे। लक्ष्य को पहचान कर उसको पूरा करने की महारथ हासिल करें।
अग्निवीरों से कहा, बदलते वक्त के साथ कुछ कुरीतियां हमारे जीवन में आ गई हैं। ऑनलाइन जुआं, मोबाइल की लत, ड्रग्स से परहेज करें। जीवन में जवानी एक बार आनी है। अपने जीवन में कम से कम एक बार ऐसा कार्य जरूर करें, जिससे स्वयं, मां-बाप और परिजन आप पर गर्व कर सकें। इस दौरान डिप्टी कमांडेट कर्नल गौरव बोस, डाॅ. आलोक दुबे आदि मौजूद रहे।
अग्निवीरों के परिजनों को गौरव पदक देकर किया सम्मानित
पासिंग आउट परेड के बाद सेंटर कमांडेट ने अग्निवीरों के माता-पिता को गौरव पदक प्रदान किए। थल सेनाध्यक्ष एवं कर्नल ऑफ द सिखलाईट इन्फेन्ट्री रेजिमेंट जनरल विक्रम सिंह की पहल पर शुरू किए गए गौरव पदक पाकर अग्निवीरों के माता-पिता खुशी से फूले नहीं समाए। ब्रिगेडियर ने इस दौरान सुखविंदर कौर, रेनू कौर, हरवंश सिंह, भूपिंदर सिंह, गोविंद सिंह, गुरमीत सिंह, सुखपाल सिंह, जसवंत सिंह, मंजीत सिंह, जगराज सिंह, अमरीक सिंह, कारा सिंह, सतगुर सिंह, गुरमीत सिंह, अमरजीत सिंह, सुखराम सिंह, रमेश सिंह, लखविंदर सिंह और फुमान सिंह को गौरव पदक लगाए। डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि यह पदक उन सभी माता-पिता को प्रदान किया जाता है जो कि अपने बच्चों को देश सेवा के लिए सेना में भेजते हैं।
ट्रेनिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार अग्निवीर सम्मानित
ट्रेनिंग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को ब्रिगेडियर मनीष जैन ने मेडल लगाकर सम्मानित किया। ड्रिल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अग्निवीर रनजोत सिंह, फायरिंग और शारीरिक प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने अग्निवीर रवि सिंह, शारीरिक प्रशिक्षण में उत्कृष्ट रहे अग्निवीर गुरविंदर सिंह और बैच संख्या पांच के ओवरऑल बेस्ट अग्निवीर का पदक बलराज सिंह को दिया गया। सेंटर कमांडेंट से मेडल प्राप्त कर सभी अग्निवीर खुशी से फूले नहीं समाए।