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लोहिया में डेंगू व हेपेटाइटिस की जांच ठप

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लोहिया अस्पताल की ओपीडी में पर्चा काउंटर के पास बुखार से पीड़ित बच्चे को लिए बैठी सुनीता। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। जिले में इस समय वायरल, डेंगू और टाइफाइड का प्रकोप है। बुखार से कई मरीजों की जान जा चुकी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है।
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ज्यादातर मरीजों को प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत है। ऐसे मरीजों को डॉक्टर डेंगू जांच की सलाह दे रहे हैं लेकिन लोहिया अस्पताल में तीन दिन से डेंगू की प्राथमिक जांच के लिए किट ही नहीं हैं। अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी की जांच भी नहीं हो पा रही है। अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी की जांच के कार्ड भी तीन महीने से नहीं हैं। मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर जांच करानी पड़ रही है।
जांच की पर्चे के लिए धक्का-मुक्की
लोहिया अस्पताल में बुखार की जांच के लिए पर्ची बनवाने की लाइन में मंगलवार को धक्कामुक्की हो गई। मारपीट की नौबत बनती देख अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर शांत कराया।
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सुबह करीब पौने नौ बजे फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार ने मरीजों को देखना शुरू किया। साढ़े 10 बजे तक 100 से अधिक मरीजों को जांच कराने के लिए लिख दिया। पैथोलॉजी में नमूना देने के लिए पर्ची बनाने वाला काउंटर बंद था। 10 बजे काउंटर को खोला गया। तब तक लंबी लाइन लग चुकी थी। बुखार से ज्यादा पीड़ित बच्चे और कमजोर लोग जमीन पर बैठ गए। भीड़ बढ़ने से साढ़े 11 बजे धक्का मुक्की होने से मारपीट की नौबत बन गई।
वायल कम मिलने से लौट जाते मरीज
लैब में नमूना लेने के लिए स्टोर से 100 वायल मिलती हैं जबकि इस समय नमूना देने वालों की संख्या पौने दो सौ तक पहुंच रही है। वायल न होने से मरीजों बिना जांच के लौटना पड़ता है। इसीलिए पहले पर्ची बनवाने के लिए धक्का मुक्की होती रहती है। नमूना लेने में भी मनमानी की जाती है। करीब 11:30 बजे काम बंद कर दिया जाता है। इसके पीछे स्टाफ कम होने का तर्क
दिया जाता है।
डेंगू किट की कमी चल रही है। बुधवार को व्यवस्था कराने के प्रयास में हैं। हेपेटाइटिस की किटें न होने की जानकारी नहीं है। उसे भी मंगवाएंगे। वायल की कोई कमी नहीं है। यदि कम मिलती हैं, तो इसकी जानकारी करके भरपूर दिलाई जाएंगी।’
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया अस्पताल।
फोटो.....
पर्चा बनवाने के लिए बुजुर्ग परेशान
ओपीडी में बुजुर्गों के लिए बना काउंटर कभी नहीं खोला जाता है। लंबी कतारों में लगे वरिष्ठजन परेशान होकर अलग जमीन पर बैठ जाते हैं। कुछ देर में उठकर लाइन के साथ आगे पहुंचते, तब कहीं पर्चा बन पाता है।
सीएचसी पर किट खत्म होने से डेंगू जांच बंद
कायमगंज सीएचसी पर डेंगू जांच किट खत्म हो गईं। इससे मंगलवार को जांच कराने पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
सीएचसी पर रोजाना 600 की ओपीडी में 70 प्रतिशत मरीज बुखार के मिल रहे हैं। एक माह से बुखार के मरीज बढ़ने पर जांच शुरू कराई गई। डेंगू की जांच के लिए 500 किटें थी जो सोमवार को खत्म हो गईं। लैब टेक्नीशियन मुसाफिर चौहान के कक्ष में डेंगू की जांच कराने के लिए मरीजों की भीड़ लगी थी। लेकिन किट न होने का हवाला देकर वह मरीजों को वापस कर रहे थे। सोमवार को 56 की जांच में छह डेंगू पॉजिटिव मिले। फिलहाल सीएचसी में डेंगू की किट खत्म होने से मरीजों को निजी लैब में जांच करानी पड़ रही है।
बुखार से दो लोगों की मौत
कायमगंज/फर्रुखाबाद। अताईपुर गांव निवासी किशनपाल (40) एक माह से बीमार चल रहे थे। दो तीन से उन्हें बुखार आ गया। उनका इलाज सीएचसी पर चल रहा था। सोमवार रात हालत बिगड़ी तो परिजन उन्हें लेकर सीएचसी पहुंचे। जहां डॉ. विपिन ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन शव घर ले गए। वह खेती किसानी करते थे, उनके चार बच्चे हैं। कंपिल के अरुण कुमार के एक साल के पुत्र शरद को दो दिन से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर अरुण का छोटा भाई राहुल बच्चे को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

लोहिया अस्पताल में ब्लड जांच को महिलाओं से होती कर्मचारी की नोकझोंक। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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