फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला ग्वालटोली टिलिया निवासी कमलेश का मोहल्ले के
ही प्रदीप से शुक्रवार की दोपहर विवाद हो गया था। इस पर दोनों पक्षों के
बीच जमकर मारपीट और पथराव हो गया था। इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मल्लू, धर्मेंद्र, पप्पू और सप्पू को
शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को जमानत पर छूट कर आए और
कमलेश ने समर्थकाें के साथ प्रदीप के घर में घुसकर इनके परिजनाें से
मारपीट करने लगे। इसकी जानकारी कमलेश ने कोतवाली पुलिस को दी।
आरोप है कि
सूचना मिलने पर दरोगा इंद्रेश कुमार फोर्स के साथ जा पहुंचे। फोर्स ने
कैलाश के घर में घुस कर तोड़फोड़ कर दी। इस बीच विकलांग सीमा देवी पुत्री
सियाराम, सुनीता देवी पत्नी कश्मीर सिंह को भी जमकर पीटा। कमलेश ने आरोप
लगाया कि उनके घर के अलावा पुलिस ने कैलाश, रामऔतार, प्रदीप, गयादीन,
रामबाबू, कश्मीर सिंह, सियाराम, रामप्रसाद के घरों में घुस कर बाइकों,
चूल्हे, टीवी, फ्रिज को तोड़ दिया।
इससे उनका हजारों रुपयों का नुकसान हो
गया। पीड़ितों ने बताया कि पुलिस ने दूसरे पक्ष के इशारे पर घर में घुस कर
मारपीट और तोडफोड़ की गई। इन्हाेंने बताया कि पुलिस के जाने के बाद
आरोपियाें ने कश्मीर के छप्पर में आग लगा दी। इससे इनकी गृहस्थी का सामान
जल गया।
होली के चंदे को लेकर हुआ था विवाद
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़
कोतवाली के मोहल्ला ग्वालटोली टिलिया निवासी कैलाश पक्ष के समर्थक दूसरे
पक्ष के लोगों से होली का चंदा लेने के लिए गए थे। इन्हें चंदे के नाम पर
50 रुपये दिए गए। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया था। इस पर
कैलाश समर्थकाें ने दूसरे पक्ष को आखत भी नहीं डालने दिए थे। इसी बात को
लेकर इन लोगों के बीच विवाद बढ़ता गया। दूसरे पक्ष के धर्मेंद्र का कहना था
कि उनके पक्ष से छप्पर में आग नहीं लगाई गई। उन लोगों को फंसाने के लिए यह
सब किया जा रहा है।
पुलिस पर आरोप गलत: कोतवाल
कोतवाल
कुंअरबहादुर सिंह ने बताया कि किसी भी पुलिस कर्मी ने कहीं भी तोड़फोड़
नहीं की है। किसी के साथ मारपीट भी नहीं की गई। पुलिस पर लगे आरोप गलत
हैं। पुलिस पहुंची थी तो वहां पर कोई नहीं था। आरोप गलत हैं। मामले की
जांच की जा रही है।