कमालगंज (फर्रुखाबाद)। तीर्थस्थली शृंगीरामपुर में रविवार से कांवड़िये पहुंचने लगे। इनमें मध्यप्रदेश के कांवड़ियों की संख्या अधिक है। मेले में कांवड़ लेकर कपड़े, मूर्तियों और फूलों से सजाने के साथ पैरों में बांधने के लिए घुंघरू भी खरीद रहे हैं।
महाशिवरात्रि पर शिवालयों में अभिषेक के लिए कांवड़िये गंगा जल लेने शृंगीरामपुर पहुंचते हैं। इस बार महाशिवरात्रि 11 मार्च को है। शृंगीरामपुर में कांवड़ियों का मेला शुरू हो गया। मध्यप्रदेश के भिंड, ग्वालियर, दतिया, मुरैना के अलावा अन्य जगह के कांवड़िये बड़ी संख्या में रविवार को मेले में पहुंचे।
शृंगीरामपुर गांव, चौराहे और गंगा तट पर विसातखाने, कांवड़, पूजन सामग्री व खाने पीने की दुकानें लग गईं हैं। कांवड़ियों ने गंगा स्नान कर शृंगी ऋषि मंदिर में पूजन किया। इसके बाद दुकानों पर जाकर कांवड़ और उसे सजाने का सामान लिया।
सादी कांवड़ 250 रुपये की
कासगंज जिले के सोरों शूकर तीर्थक्षेत्र से आए कारीगरों ने मेले में कांच की पिटरियां (शीशियां) बनाने का कारखाना लगाया है। इन्हीं शीशियों में गंगा जल कांवड़ में रखा जाएगा। मेले में सादी कांवड़ 250 रुपये की है। भक्त 500 से 1500 रुपये तक का सामान खरीदकर कांवड़ सजा रहे हैं। कांवड़ और पैर में बांधने के लिए घुंघरू भी खरीदे जा रहे हैं।