माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों का टोटा होने से पढ़ाई पर संकट है। 30
जून को 42 शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों
के सेवानिवृत्त होने से नए सत्र में पढ़ाई पर खासा असर दिखाई देगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अशासकीय एवं सरकारी स्कूलों में पहले से ही
शिक्षकों का टोटा है। अंग्रेजी, गणित, संस्कृत, भूगोल व कला समेत अन्य
महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की कमी होने के कारण बच्चों की पढ़ाई पर
पहले से ही असर पड़ रहा है। कोर्स पूरा करने के
लिए छात्र छात्राओं को
कोचिंग का सहारा लेना पड़ता है। नए सत्र 2015-2016 में शिक्षकों की और कमी
हो जाएगी। 30 जून को महत्वपूर्ण विषयों के लगभग 42 शिक्षक सेवानिवृत्त हो
रहे हैं। इनमें हिन्दी, गणित, गृह विज्ञान, उर्दू, कला, संस्कृत,
अंग्रेजी, समाज शास्त्र, वाणिज्य, इतिहास, अर्थशास्त्र, सामाजिक विज्ञान,
समेत अन्य विषय के शिक्षक हैं। इनकी सेवानिवृत्ति
संबंधी पत्रावलियां तैयार
हो गई हैं। नए शैक्षिक सत्र में स्कूलों मेें पढ़ाई न होने से कोचिंग
सेंटर संचालकों की बल्ले बल्ले होगी। शिक्षकों के अभाव के कारण स्कूल में
कोर्स पूरा नहीं होगा, तो छात्र छात्राओं को कोचिंगों का सहारा लेना होगा।
इस बार जून से ही कोचिंगों में छात्र छात्राओं की भीड़ दिखाई देगी।
राजकीय बालिका इंटर कालेज, फतेहगढ़
विद्यालय
में प्रवक्ता के 15 स्वीकृत पदों पर 13 तैनात हैं। इनमें अंग्रेजी की
प्रवक्ता ऊषा सक्सेना 30 जून को सेवानिवृत्त हो रही हैं। हिंदी व संगीत
विषय की सहायक अध्यापिका मीरा सक्सेना सेवानिवृत्त हाेंगी। इस कारण स्कूल
में संगीत गायन
व वादन की पढ़ाई बंद हो जाएगी। सहायक अध्यापकों के 28 पदों
के सापेक्ष 24 शिक्षक तैनात हैं। लिपिक के तीन पद हैं। इनमें एक की तैनाती
है। एक डायट के लिपिक को विद्यालय से संबद्ध किया गया है। चपरासी के 15
पदों में से 11 पर तैनाती है। चार पद रिक्त हैं।
इन विषयों में शिक्षकों की आवश्यकता
गणित,
साइंस, उर्दू, अंग्रेजी, संगीत गायन व वादन विषय के एक -एक शिक्षक, दो
लिपिक और चार चपरासी की जरूरत है। उर्दू विषय की टीचर न होने के कारण सत्र
2014-15 में स्कूल में उर्दू विषय की पढ़ाई नहीं हुई थी।
राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़
इस
साल एक भी टीचर सेवानिवृत्त नहीं होगा। विद्यालय में शिक्षकों का पहले से
टोटा है। प्रवक्ता के 9 पदों में तीन तैनात है। सहायक अध्यापक के 31 पदों
में 16 पर तैनाती है। चपरासी 12 में से 6 हैं। इनमें एक को जिला विद्यालय
निरीक्षक ने डीआईओएस कार्यालय से संबद्ध कर रखा है। लिपिक के 4 पदों में से
3 रिक्त चल रहे हैं।
इन विषयों के टीचर की जरूरत
गणित, हिन्दी,
अंग्रेजी, वाणिज्य व रसायन विज्ञान विषय के टीचरों की कमी है। एक-एक टीचर
की जरूरत है। इनके अभाव में छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
यह शिक्षक हो रहे सेवानिवृत्त
प्रधानाचार्य एक
प्रभारी प्रधानाचार्य पांच
सहायक अध्यापक 30