फर्रुखाबाद। भ्रष्टाचार में फंसे कंपिल के पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव का समाजवादी पार्टी से गहरा नाता है। सैफई परिवार में गहरी पैठ होने से कोई राजनीतिक दांव भी खाली नहीं गया। मां नगर पंचायत अध्यक्ष होने के साथ पत्नी व भाई जिला पंचायत सदस्य हैं।
सूबे में वर्ष 2012 में सपा सरकार बनने के बाद उदयपाल सिंह की राजनीतिक बुनियाद बेहद मजबूत हो गई। सैफई परिवार से जुड़ा उदयपाल पुलिस में तैनाती के दौरान भी सपा के एक बड़े नेता के लिए काम करता था। इसका महकमे में ही विरोध शुरू हो गया था। जनपद इटावा में वर्ष 2006 में एसओसी प्रभारी की हत्या में भी उदयपाल को आरोपी बनाया गया था। प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद उदयपाल सिंह भी राजनीति में उतरा। वर्ष 2012 में पहली बार चुनाव लड़कर नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर काबिज हुआ। इसके बाद 2017 में वह दोबारा नगर पंचायत अध्यक्ष बना। इसी दौरान 2021 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उदयपाल की पत्नी गीता यादव व भाई नीलेश यादव जिला पंचायत सदस्य चुने गए।