कर्ज के बोझ में दबे किसान को गेहूं की फसल से कुछ उम्मीद थी लेकिन
ओलावृष्टि और बरसात से वह जाती रही। इससे दुखी एक और किसान ने फांसी लगाकर
जीवनलीला समाप्त कर ली। सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी अमृतपुर मौके पर
पहुंचे। ब्लाक के गांव खंडौली निवासी रामबिहारी अवस्थी (58) पुत्र छोटेराम
ने बैंक से केसीसी ऋण लेकर 30 बीघा खेत में
गेहूं बोया था। परिजनों
के मुताबिक बीते दिनों हुई ओलावृष्टि और बरसात से फसल को नुकसान हो गया।
इस सदमे में वह बीमार हो गया। आखिरकार शुक्रवार की रात घर में बने छज्जे
में लगे कुंडे से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। शनिवार सुबह पत्नी
श्यामा देवी सोकर उठी तो पति को फांसी लटका देख उनकी चीख निकल गई। चीख
सुनकर मृतक का
पुत्र अनुज कुमार आदि परिजन जाग गए। जानकारी मिलने
पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव फांसी से नीचे उतारा। एसआई उदयवीर ने
शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी
अमृतपुर लालजी मिश्र भी मौके पर पहुंचे। पत्नी का कहना था कि पति फसल
बर्बाद होने से पति कुछ दिनों से परेशान और बीमार रहने लगे थे। घर में अधिक
बात भी नहीं करते थे।कहते थे कि कर्जा लेकर फसल की लेकिन बरसात और
ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हो गया। गेहूं बोने में करीब
30-40 हजार की लागत आई है। अब आगे का कार्य कैसे होगा।
फसल को हुआ है नुकसान-एसडीएम
मौके
पर पहुंचे एसडीएम अमृतपुर लालजी मिश्र ने मृतक किसान के खेत में खड़ी
गेहूं की फसल देखी। एसडीएम ने बताया कि 20 बीघा खेत में बोयी गई गेहूं की
फसल में 25 प्रतिशत और 10 बीघा खेत में बोयी गई गेहूं की फसल में 40
प्रतिशत का नुकसान हुआ है।
केसीसी के तहत लिया ऋण-प्रबंधक
बैंक
ऑफ इंडिया भरखा के शाखा प्रबंधक रोहित वर्मा ने बताया कि खंडौली के
रामबिहारी अवस्थी ने केसीसी के तहत ऋण लिया है। आज बैंक बंद है। सोमवार को
पता चलेगा कि उसने कितना लोन ले रखा था।