चार दिन पहले दोस्तों के साथ घर से निकले पेंटर का शव आवास विकास स्थित नाले में पड़ा मिला। शव की शिनाख्त उसके भतीजे ने की पर उसने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया। बताया गया कि पेंटर शराब पीने का आदी था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से मौत होने की पुष्टि की गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र में मसेनी-कादरीगेट रोड किनारे आवास विकास कालोनी स्थित नाले में सुबह लोगों ने एक शव पड़ा देखा। पड़ोसी लालाराम पुत्र रघुनाथ प्रसाद की सूचना पर आवास विकास चौकी पुलिस पहुंची और शव निकलवाया गया। उसकी हालत से लग रहा था कि वह चार-पांच दिन पुराना है। चेहरा कीड़ों ने नोच डाला था। शव के सीधे हाथ पर नन्हीं गुदा था।
कुछ ही देर में कासिमबाग कैंट निवासी नीरज पुत्र विनोद कुमार पहुंचे। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने चाचा अनिल (45) पुत्र राजाराम जाटव के रूप में की। बताया कि यह आठ अक्तूबर को मोहल्ले के ही कुछ युवकों के साथ घर से निकले थे। वे लोग तो घर पहुंचे, लेकिन चाचा लापता हो गए। सभी रिश्तेदारियों में ढूंढा, लेकिन पता नहीं चला।
नीरज ने बताया कि चाचा अनिल मकानों पर पेंटिंग का काम करते थे। कुछ ही देर में अनिल के बड़े भाई विनोद कुमार और उसकी पत्नी भी पहुंची। नीरज का कहना है कि चाचा जिनके साथ आए थे, उन्हें बताना चाहिए था। उन्होंने कुछ नहीं बताया। अनिल की पत्नी का नाम नन्हीं था। उसने हाथ पर गुदवा भी लिया था। बताया कि चाची सात-आठ साल पहले छोड़कर चली गईं थीं।
चाचा के कोई बच्चा नहीं था। एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ सिटी ने मौका मुआयना किया। सीओ सिटी मन्नीलाल गौड़ ने बताया कि परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजनों ने लिखकर दिया है कि अनिल शराब पीने का आदी था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार दिन पहले पानी डूबने से मौत होने की पुष्टि की गई है। शरीर पर कोई चोट का निशान भी नहीं मिला है।
पुलिस को नहीं दी गई गुमशुदगी की सूचना
आठ अक्तूबर को घर से लापता होने के बावजूद अनिल के परिजनों ने पुलिस को गुमशुदगी तक की सूचना नहीं दी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
फारेंसिक टीम ने भी की पड़ताल
अफसरों की सूचना पर फारेंसिक टीम ने भी मौका मुआयना किया। टीम ने अनिल के भतीजे से बातचीत की। इसके बाद चली गई।
हत्या या मौत स्पष्ट नहीं
अनिल चार दिन पहले दोस्तों संग घर से निकला था। वह घर नहीं पहुंचा और दोस्तों ने भी कुछ नहीं बताया। ऐसे में परिजनों को तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। अनिल शराब का शौकीन भी बताया जाता है। ऐसे में संभव है कि पास में ही स्थित कच्ची शराब के लिए कुख्यात लकूला से पीकर आया और ज्यादा नशा होने पर नाले में गिर गया हो। सवाल ये है कि दोस्त कहां चले गए। ये बिंदु भी जांच के हो सकते हैं।
पोस्टमार्टम न कराने की जताई इच्छा
अनिल के बड़े भाई विनोद कुमार जब मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने पहले तो शव को काफी गंभीरता से देखा। फिर बोले- इसके तो बाल नहीं हैं। जबकि बाल पानी में गल कर खाल सहित उतर गए थे। हाथ में नाम गुदा देख भाई अनिल का शव होने की बात कही। फिर एसएसआई रामशंकर सरोज से बोले कि अब मर तो गए ही शव का पीएम न कराएं। लेकिन एसएसआई ने साफ इनकार कर दिया।