मार्ग दुघर्टना में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। दो जनपदों के बीच का मामला होने के कारण पुलिस परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए इधर से उधर टहलाती रही। गुस्साए परिजनों ने कायमगंज-अलीगंज मार्ग पर शव रखकर आठ घंटे जाम लगा दिया। जाम लगाने वाले लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे वाले ट्रैक्टर को कायमगंज पुलिस ने छोड़ दिया। जाम लगने से दोनों ओर बसों व अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे अलीगंज सीओ ने परिजनों को समझाया बुझाकर पोस्टमार्टम करवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर जाम खुला। इस दौरान भीषण गर्मी में बसों में बैठे यात्री परेशान हो गए। फर्रुखाबाद दिल्ली मार्ग होने के कारण इस रोड पर बसों का आवागमन बहुत होता है। लगभग पांच घंटे यातायात बाधित रहा।
12 मई को जनपद एटा के अलीगंज थाने के गांव पंचपुरा निवासी दुर्वेश शाक्य(25) किसी काम से कायमगंज गया था। घर लौटते समय कायमगंज अलीगंज मार्ग पर कैसर खां अड्डे के पास ट्रैक्टर की टक्कर से दुर्वेश गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सैफई में भर्ती कराया गया था। तीन दिन पूर्व उसे वहां से डिस्चार्ज कर दिया गया था। इसके बाद मंगलवार को अलीगंज में ही उसकी मौत हो गई।
मामले की जानकारी अलीगंज कोतवाली पुलिस को दी गई। जहां कायमगंज का घटनास्थल बताकर टरका दिया गया। जब परिजनों ने कायमगंज कोतवाली में फोन किया तो बताया गया कि जहां मौत हुई है वहां पंचनामा भर पोस्टमार्टम की कार्रवाई होगी। इससे गुस्साए परिवारीजन व ग्रामीणों ने शव को कायमगंज व अलीगंज मार्ग पर दोनों जिलों के बार्डर पर रख कर जाम लगा दिया। महिलाएं लाठी डंडे व ईंट पत्थर लिए प्रदर्शन करने लगीं। आने जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया। मामले की जानकारी पर अलीगंज पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ ने उनकी नहीं सुनी। इस पर सीओ अलीगंज अजय भदौरिया भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मृतक के परिवारीजनों को समझाया और पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान कायमगंज कोतवाल और तहसीलदार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। दोनों जनपदों की पुलिस में पोस्टमार्टम को लेकर नोकझोंक हुई। बाद में कायमगंज पुलिस ने पंचनामा भरा। तहसीलदार गजेंद्र सिंह ने बताया कि अलीगंज पुलिस का रवैया संतोषजनक नहीं रहा। अलीगंज तहसीलदार से मुआवजे के संबंध में बात की गई है। इस दौरान मुख्य मार्ग लगभग आठ घंटे जाम रहा इससे लोग परेशान हो गए।