फर्रुखाबाद। बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रक से टकराकर डीसीएम सवार हेल्पर की मौत हो गई। डीसीएम मोबिल ऑयल भरकर दिल्ली से लखनऊ जा रही थी। परिजनों ने साजिश का शक जताया है। हेल्पर का एक माह पहले ही विवाह हुआ था।
बरेली-इटावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सेंट्रल जेल के पास 26 अप्रैल की देर रात मोबिल ऑयल भरी डीसीएम सामने खड़े ट्रक से टकरा गई थी। इसमें मैनपुरी के करहल कस्बा निवासी हेल्पर विवेक कुमार (24) घायल हो गया। घायल को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों में मातम छा गया। विवेक के ससुर भोगांव मोहल्ला ऊपरटीला निवासी राकेश ने बताया कि एक माह पहले उन्होंने अपनी बेटी रवीना का विवाह किया था।
मौत में साजिश है। डीसीएम को इस रूट पर लाने का कोई मतलब नहीं है। दिल्ली से कन्नौज होकर नेशनल हाइवे से लखनऊ जाते हैं। दामाद की हत्या की गई है। पिता रघुवीर सिंह ने बताया कि वह चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। रवि, राहुल, आकाश और दो बहनें साधना व संगीता हैं।
विवेक की पत्नी रवीना के हाथों की अभी मेंहदी तक नहीं छूटी हैै। एक माह पहले शादी के बाद विवेक पत्नी को दिलासा देकर गया था कि वह जल्द लौटेगा। क्या पता था कि भगवान को कुछ और ही मंजूर है। वह अपनी सास और मां से लिपट कर कभी बेसुध होकर जमीन पर गिर जाती, तो कभी दहाड़ें मारने लगी। सास से लिपटकर बस यही चीखती रही कि मम्मी वो मुझे बुला रहे हैं। अब वह भी उनके साथ जाएगी। रवीना की हालत देख हर किसी की आंखों में आंसू आ रहे थे।