फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पात्र होने के बावजूद जिले के 30 हजार किसानों की सम्मान निधि अभी भी डाटा संशोधन में फंसी है। किसी का आधार कार्ड पर पता गलत है तो किसी के पिता का नाम। कई किसानों का तो आधार कार्ड व बैंक खाता में नाम एक समान न होने से सम्मान निधि लटक गई। हालांकि अभी डाटा संशोधन का काम चल रहा है।
कृषि विभाग के पोर्टल पर जनपद में दो लाख 73 हजार 290 किसान पंजीकृत हैं। गत वर्ष प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू हुई। इसमें किसानों को 6 हजार रुपये प्रति वर्ष मिलने हैं। इसका किसानों के बैंक खाता में दो-दो हजार रुपये की वर्ष में तीन किस्तें आती हैं। सत्यापन में सम्मान निधि के लिए जिले के दो लाख 16 हजार 17 किसान पात्र पाए गए। इनमें अब तक एक लाख 88 हजार 953 किसानों को सम्मान निधि की किस्त मिल चुकी है। हालांकि योजना शुरू होने से अब तक लगातार 6 किस्ते पाने वाले जिले के एक लाख 7 हजार 592 किसान ही हैं। कई किसानों को पहली किस्त मिलने के बाद आधार कार्ड की फीडिंग शुरू हुई तो पेंच फंसने लगा। इससे उनकी किस्त रोक दी गई। दोबारा से सत्यापन कराया गया। संशोधन के बाद कुछ किसानों की किस्तें आनी तो शुरू हो गईं हैं। लेकिन अभी भी पात्र पाए गए किसानों में 30 हजार 51 अन्नदाताओं को सम्मान निधि डाटा संशोधन में फंसी हुई है। हालांकि उपनिदेशक कृषि प्रसार कार्यालय लकूला में और ब्लाक स्तर पर डाटा संशोधन का काम चल रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
उपनिदेशक कृषि प्रसार राजकुुमार ने बताया कि 15 हजार 287 किसानों को डाटा संशोधन कर पोर्टल पर भेज दिया गया है। उनकी सम्मान निधि की किस्त अगली बार में आने की उम्मीद है। अभी 13 हजार किसानों का डाटा संशोधित किया जाना शेष है। सत्यापन व डाटा संशोधन का काम चल रहा है। शीघ्र ही डाटा संशोधित कर पोर्टल पर अपलोड करा दिया जाएगा। जिससे किसानों को सम्मान निधि की किस्त जारी हो सके।