कमालगंज। शृंगीरामपुर के रामलीला मैदान में बुधवार को दशानन ने संस्कृत, अंग्रेजी और हिंदी में संवाद किया। अहिरावण, नरांतक और रावण वध की लीला हुई। रावण के मरते ही चारों ओर जय श्रीराम गूंज उठा।
शृंगी ऋषि मंदिर से रावण व श्रीराम का युद्ध आरंभ हुआ। रावण अपने रथ से युद्ध कर रहा था तो राम पैदल युद्ध करते चल रहे थे। लीला मैदान पर विभीषण ने रावण द्वारा यज्ञ किए जाने की जानकारी दी।
श्रीराम से वानर सेना भेज कर यज्ञ विध्वंस कराने की बात कहते हैं। अंगद-हनुमान रावण को ललकारते हुए राक्षसों का वध करते हैं। रावण का यज्ञ भंग हो जाता है। दोनों ओर की सेनाएं फिर आमने-सामने डंट जाती हैं। घनघोर युद्ध के बाद रावण मारा जाता है। लोग खुशी व उल्लास में झूम उठते हैं। त्रिपुर सुंदरी सिद्धपीठ के महंत बबुआ बाजपेई, विमल तिवारी, अमित मिश्रा, विनय मिश्रा, राघव मिश्रा, श्यामजी, अजय दुबे, पिंकू मिश्रा आदि भी रहे।
दशानन नन्हे दीक्षित ने संस्कृत व अंग्रेजी में भी संवाद किया। जीतू तिवारी, राम दुबे, कृष्णा दुबे के अभिनय से दर्शक मुग्ध हुए।