अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर कम होने से गांव का हो रहा कटान धीमा हो गया है। इससे गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं गंगा और रामगंगा का गांवों में भरा पानी जलस्तर कम होने से निकलने के बाद अब बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक रोग फैलने शुरू हो गए हैं।
गांव अलादपुर भटौली के ग्रामीण शिवरतन सिंह, मोरपाल, अमर सिंह, रामवीर का कहना है कि रविवार से कटान कम हो गया है। गंगा में बाढ़ आने से गांव जोगराजपुर, मंझा की मड़ैया, कुडरी, सुंदरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, राम प्रकाश नगला, जटपुरा कैलयाई, तीसरात की मडै़या जाने वाले मार्ग और गांव में पानी भरा हुआ था। गंगा का जलस्तर कम होने से गांवों में भरा पानी निकल गया है। पानी निकलने के बाद अब इन गांवों में संक्रामक रोग फैलने शुरू हो गए हैं। कई ग्रामीण बीमार हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली। स्वास्थ्य टीम भी गांवों में नहीं आ रही है।
संक्रामक रोग नियंत्रण टीमों का गठन
अमृतपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर के चिकित्साधीक्षक डॉ. आरिफ सिद्दीकी ने नई 31 बाढ़ चौकियों का गठन किया है। इनमें आशा और एएनएम की ड्यूटी लगा दी गई है। ये चौकियों पर बैठकर बीमार बाढ़ पीड़ितों को दवा बांटेगी। इसके अलावा एक इमरजेंसी टीम डॉ. सुधीर सिंह, फार्मासिस्ट आशीष शुक्ला, वार्ड ब्वाय की बनाई है। यह बाढ़ प्रभावित गांवों में भ्रमण कर बीमार ग्रामीणों को दवा देगी। वहीं दूसरी टीम डा. अनुपम वर्मा, फार्मासिस्ट आशुतोष और वार्ड ब्वाय की बनाई हैं, जो अस्पताल में बैठकर मरीजों को देखेंगे। संक्रामक रोगों से निपटने के लिए सात टीमें बर्नाई हैं। सोमवार को डॉ. गौरव वर्मा, फार्मासिस्ट आलोक कटियार, एएनएम मीना कुमारी, वार्ड व्वाय सुशील कुमार, मंगलवार को डॉ. प्रमित राजपूत, फार्मासिस्ट वृजेश मिश्रा, एएनएम संघमित्रा, वार्ड ब्वाय विशाल कनौजिया, बुधवार को डॉ. गौरव वर्मा, फार्मासिस्ट राघवेंद्र सिंह, एएनएम विट्टादेवी, वार्ड ब्वाय सुशील सिंह, गुरुवार को डॉ. पंकज कटियार, फार्मासिस्ट राजेश वंशल, एएनएम रामरती, वार्ड ब्वाय विशाल कनौजिया, शुक्रवार को डॉ. अनुपम वर्मा, फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह, एएनएम प्रदीप कुमारी, वार्ड ब्वाय सुशील सिंह, शनिवार को डॉ. सुधीर सिंह, फार्मासिस्ट आशुतोष त्रिपाठी, एएनएम विमलेश कुुमारी, वार्ड ब्वाय विशाल कनौजिया और रविवार को डॉ. सुधीर सिंह, फार्मासिस्ट राजेंद्र सिंह, एएनएम प्रदीप कुमार, वार्ड ब्वाय सुशील सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि इन लोगों की जिन गांवों में ड्यूटी लगाई गई है, उन गांवों में जाकर बीमार ग्रामीणों का उपचार कर दवा देंगे।
सवारियों से भरा स्टीमर बीच नदी में बंद
शमसाबाद। ढाईघाट पर रविवार को सवारियों से भरा स्टीमर गंगा नदी में बन रहे पक्के पुल से टकराकर बंद हो गया। इससे सवारियों में चीख-पुकार मच गई। आननफानन में दो नावें भेजकर सवारियों को सकुशल गंगा किनारे लाया गया। इस दौरान बड़ा हादसा होने से टल गया।
ढाईघाट पर ठेकेदार किरन देवी की ओर से ग्रामीणों को गंगा पार कराने के लिए मुफ्त में स्टीमर चलवाया गया है। ढाईघाट के पास ही पक्के पुल का निर्माण फिलहाल ठप है। करीबन 40 सवारियों और भैंस को स्टीमर पर लादकर चालक महेशचंद्र और सह चालक भूरे गंगा नदी पार करा रहा था। इस दौरान गंगा नदी में बन रहे पक्केपुल के डूबे खंभे से टकराकर स्टीमर बंद हो गया। बीच धार में स्टीमर बंद होने से सवारियां चीख-पुकार मचाने लगीं। इस पर गंगा नदी के इस पार बैठे ग्रामीण आनन-फानन में दो नावें लेकर स्टीमटर के पास पहुंचे और सवारियों को नावों में बैठाकर इस पार लाए। गनीमत रही कि इस दौरान स्टीमर पलटा नहीं। अगर पलट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्टीमर चालक महेशचंद्र ने बताया कि पक्के पुल के डूबे खंभे से स्टीमर बंद हो गया।