फर्रुखाबाद। शास्त्रीय संगीत, साहित्य व रंगमंच के पुरोधा स्व. आचार्य ओमप्रकाश मिश्र कंचन की 84वीं जयंती पर भारतीय संगीत की बांसुरी बजी तो उसकी धुन में श्रोता भावविभोर हो गए। ललन पिया हाजी विलायत अली संगीत अकादमी की ओर से सोमवार को ऑनलाइन सुर श्रद्धांजलि में भोपाल से अभिषेक राठौर ने बांसुरी पर राग मधुवंती में बंदिश से छाप छोड़ी तो शहर की अंजली चौहान ने ठुमरी पर नृत्य से मुग्ध कर दिया।
संगीत अकादमी की ओर से आयोजित सुरमई श्रद्धांजलि में कानपुर के विनोद द्विवेदी ने राग श्याम कल्याण में ध्रुपद ‘कंचन निर्मल मन’ की प्रस्तुति के साथ डॉ. ओमप्रकाश मिश्र कंचन को श्रद्धांजलि दी। फतेहपुर के रविशंकर साहू ने राग अभोगी कान्हड़ा में छोटा खयाल प्रस्तुत किया। आकाशवाणी गोरखपुर के शिवदास चक्रवर्ती ने सरोद पर राग संपूर्ण कान्हड़ा बजाकर छाप छोड़ी। आकर्ष शुक्ल ने कंचन के प्रिय भजन ‘मन फूला फूला फिरे जगत में कैसा नाता रे’ गाया। अकादमी के सचिव व कार्यक्रम संयोजक डॉ. विद्या प्रकाश दीक्षित ने संचालन किया। संस्कार भारती के सुरेंद्र पांडेय, साहित्यभूषण डॉ. शिवओम अंबर, उत्तरप्रदेश संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. धन्नूलाल गौतम, कृष्णमोहन मिश्रा, रागिनी श्रीवास्तव व अनुपमा दीक्षित मुंबई ने भी श्रद्धांजलि दी।