फर्रुखाबाद। गाजियाबाद में डी-फार्मा कर रही एक छात्रा को कोरोना जैसे लक्षणों के चलते आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। फिजीशियन के न आने से उसका इलाज शुरू नहीं हो सका है, हालांकि डॉक्टर ने ड्रिप शुरू कर दी है। फिजीशियन से शीघ्र ही जांच कराई जाएगी।
कमालगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा गाजियाबाद में डी-फार्मा कर रही है। उसके पिता दिल्ली के एक सांसद के यहां काम करते हैं। होली से दो दिन पहले उसे जुकाम, बुखार, खांसी की शिकायत हुई। वह त्योहार करने अपने गांव चली आई। यहां इलाज कराया, मगर कुछ फायदा नहीं हुई।
कोरोना को लेकर देश भर में चल रही आशंकाओं के चलते छात्रा के चाचा शनिवार को उसे लेकर कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां से उसे रेफर कर दिया गया। छात्रा को डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में दिखाया गया।
ड्यूटी पर तैनात डा. राजकिशोर ने उसकी जांच की। फिजीशियन के न होने से उसका परीक्षण नहीं हो सका। डॉक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रिप लगाकर आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। देखरेख के लिए दो कर्मचारियों को भी लगाया गया है। छात्रा के चाचा ने बताया कि वह तो दवा लेने आए थे।
खांसी, जुकाम, बुखार था, तो जांच कराना जरूरी था। डॉक्टर ने भर्ती कर लिया है। डिप्टी सीएमओ/नोडल अधिकारी कोरोना राजीव शाक्य ने बताया कि छात्रा केवल जुकाम, बुखार से पीड़ित है। फिजीशियन न आ पाने से उसे भर्ती किया गया है। जांच भी कराई जाएगी।